Vijay Diwas 2026: आज यानी 16 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब पराजय ने देश के सामने घुटने टेंक दिए और भारतीय सैन्य बलों की संकल्पशक्ति ने विश्व के सामने लोहा मनवाया। वर्ष 1971 में भारत ने आज ही के दिन पाकिस्तान पर निर्णायक विजय प्राप्त की थी और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया था। यह दिन केवल युद्ध की याद तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय सेना के साहस, रणनीतिक कौशल और राष्ट्रहित के लिए किए गए सर्वोच्च बलिदान का जीवंत प्रमाण है।
बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए भारत पाकिस्तान का युद्ध 13 दिन चला, जिसमें 93 हजार से अधिक पाकित्सानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब राष्ट्र की अस्मिता पर आंच आती है, तब भारतीय सेना चट्टान की तरह खड़ी होती है, बिना डगमगाए, बिना समझौते के। यह दिन बलिदान, अनुशासन और देश के लिए सर्वस्व अर्पण करने की परंपरा को नमन करने का अवसर है।
इस विजय दिवस पर देशभक्ति के नारों से भारतीय सेना को सलाम करें। ये नारे आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते हैं कि आज़ादी और अखंडता की रक्षा किसी एक दिन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सतत कर्तव्य है। यही विजय दिवस की सच्ची भावना है।