Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह, देवउठनी एकादशी के दिन मनाया जाने वाला पावन पर्व है, जो कार्तिक मास में दीपावली के बाद आता है। इस दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम (भगवान विष्णु) का विवाह विधिवत संपन्न कराया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि घर की सकारात्मकता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसे में अगर आप इस शुभ अवसर पर अपने घर या आंगन को सजा रही हैं, तो रंगोली आपकी सजावट का सबसे पवित्र और सुंदर हिस्सा बन सकती है। रंगोली सिर्फ सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि यह देवी लक्ष्मी और तुलसी माता का स्वागत करने का भी पारंपरिक तरीका है।
तुलसी विवाह पर रंगोली का महत्व
तुलसी विवाह के अवसर पर घर की देहरी, आंगन या तुलसी चौरा को रंगोली से सजाना मांगलिक कार्य का संकेत माना जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, रंगोली के रंगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे घर में शांति, समृद्धि और शुभता आती है। तुलसी विवाह की रंगोली में भगवान विष्णु, तुलसी के पत्ते, दीपक, और मांडना डिज़ाइन प्रमुख रूप से बनाए जाते हैं। रंगोली बनाते समय हल्दी, कुमकुम, चावल, और फूलों की पंखुड़ियों का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है।