दिनभर की भागदौड़ के बाद जब रात को बिस्तर पर पहुंचते हैं तो शरीर थका हुआ होता है, लेकिन कई बार दिमाग लगातार चलता रहता है। कभी ऑफिस का काम, कभी अगले दिन की चिंता और कभी मोबाइल पर स्क्रॉल करने की आदत,इन वजहों से आंखों में नींद होने के बावजूद सोना मुश्किल हो जाता है। कई लोग ऐसे में बार-बार करवट बदलते हैं या फोन उठाकर सोशल मीडिया देखने लगते हैं, जिससे नींद और दूर हो सकती है।
अगर आपको भी रात में बिस्तर पर लेटने के बाद नींद न आए तो अपनी बेड टाइन रूटीन और जीवनशैली की आदतों पर ध्यान देना मददगार हो सकता है। सोने से पहले तेज रोशनी और स्क्रीन से दूरी बनाना, कमरे को शांत और आरामदायक रखना, रात में बहुत भारी खाना न खाना और रोज लगभग एक ही समय पर सोने की कोशिश करना नींद की बेहतर आदत बनाने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा रात में दिमाग को शांत करने के लिए कुछ मिनट गहरी सांस लेना, हल्की किताब पढ़ना या शांत गतिविधि करना भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, अगर लंबे समय से नींद की समस्या बनी हुई है या दिन में अत्यधिक नींद और थकान रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।