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विश्व धरोहर दिवस 2024: भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग, आप भी बनाएं घूमने का प्लान

Thu, 18 Apr 2024 09:13 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर बात करें भारत तो हमारे देश में वर्तमान समय में 42 विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 34 सांस्कृतिक, सात प्राकृतिक और एक कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान है। 
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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग - फोटो : pexel

हर साल की तरह इस साल भी 18 अप्रैल के दिन दुनिया भर में विश्व धरोहर दिवस मनाया जाएगा। ये दिन दुनियाभर के स्मारक स्थलों और स्मारकों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

अगर बात करें भारत तो हमारे देश में वर्तमान समय में 42 विश्व धरोहर स्थल हैं। इनमें 34 सांस्कृतिक, सात प्राकृतिक और एक कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान है। अगर आप भी विश्व धरोहर दिवस के दिन कहीं घूमने जाना चाहते हैं, भारत के उन स्थलों में जा सकते हैं, जहां आपको काफी विदेशी पर्यटक भी देखने को मिलेंगे। विश्व धरोहरों में भारत ये पांच स्थल प्रमुख हैं।

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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग - फोटो : अमर उजाला

ताज महल

आगरा में स्थित ताजमहल एक ऐसा स्थल है, जिसे देखने के लिए लोग विदेशों तक से आते हैं। इसकी खूबसूरती की मिसाल हर जगह दी जाती है। खास सफेद संगमरमर से बने इस स्थल का निर्माण शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में करवाया था। यहां जाने के लिए भारतीय पर्यटकों 50 रुपये में टिकट खरीदना होता है। सार्क (SAARC) और बिम्सटेक (BIMSTEC) देशों के पर्यटकों को 540 रुपये का टिकट लेना अनिवार्य है। वहीं विदेश से आने वाले पर्यटकों को ताज के दीदार के लिए 1100 रुपये चुकाने पड़ते हैं।

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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग

दिल्ली का किला

दिल्ली का लाल किला 17वीं सदी में मुगल शासक शाहजहां ने बनवाया था। देश की राजधानी में स्थित यह किला लाल बलुआ पत्थर से बना है और इसकी दीवारें लाल रंग की हैं। इसे 2007 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। हर साल इसी लाल किले की प्राचीर पर देश के प्रधानमंत्री तिरंगा लहराते हैं। यहां तीन श्रेणी में टिकट मिलता है। पहली श्रेणी की टिकट का किराया 20 रुपये प्रति व्यक्ति है। दूसरी की श्रेणी की टिकट की कीमत 100 रुपये, जबकि तीसरी कैटेगरी की टिकट का मूल्य 500 रुपये है।

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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग - फोटो : Pixabay

अजंता की गुफाएं

विश्वप्रसिद्ध अंजता-एलोरा की गुफाएं हमेशा से ही जिज्ञासा और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं।ये गुफाएं महाराष्ट्र में स्थित हैं। यहां करीब 29 चट्टानों को काटकर बनाई गई हैं। इन गुफाओं का निर्माण वाकाटक सम्राट, हरीसेन के शासन में किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि, 1819 में इन गुफाओं की खोज शिकार खेलने आए अंग्रेज अफसर ने की थी। इन गुफाओं का संबंध हिंदू धर्म, बोद्ध धर्म और जैन धर्म से है। इसे यूनेस्को ने ही विश्व विरासत घोषित किया था।

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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग - फोटो : अमर उजाला

कुतुब मीनार

दुनिया का सबसे ऊंची मीनारों में कुतुब मीनार का नाम शामिल है। ये दिल्ली के महरौली में स्थित है। यहां हमेशा लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। ये ईंट की बनी यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है,जिसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। इसकी ऊंचाई 73 मीटर ऊंची है। विदेशी पर्यटक भी कुतुब मीनार घूमने आते रहते हैं। 1993 में कुतुब मीनार को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था।

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भारत की इन धरोहरों को देखने दूर-दूर से आते हैं लोग - फोटो : instagram

जंतर-मंतर जयपुर

देश की सबसे बड़ी वेधशाला जंतर-मंतर जयपुर में स्थित है। सवाई राजा जयसिंह ने साल 1734 में राजस्थान के जयपुर में देश की सबसे बड़ी वेधशाला जंतर-मंतर का निर्माण करवाया था। यहां मौजूद यंत्रों की मदद से आज भी बारिश का पूर्वानुमान किया जाता है। इसके साथ ही ये यंत्र पंचांग बनाने में भी सहायक होते हैं। अगर रिपोर्ट्स की मानें तो साल भर में जंतर-मंतर पर करीब 7 लाख देशी-विदेशी सैलानी पहुंचते हैं।

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