अबतक आप कपड़े की मार्केट से लेकर फल, सब्जी जैसे कई मार्केट घूमे होंगे। लेकिन आज हम दिल्ली उस मार्केट के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां वो चीज मिलती है जिसके बिना खाना बनना मुश्किल है। जी हां, किचन की शान मसालों का सबसे बड़ा बाजार। दिल्ली का खारी बावली एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार है और इसकी प्रसिद्धि की यात्रा दिलचस्प रही है। यह जगह 17 वीं शताब्दी में मुगल युग के दौरान अस्तित्व में आई। बावली का शाब्दिक अर्थ है एक कुआं, और 'खारी' या 'खारा' का नमकीन होता है, जिससे खारी बावली का अर्थ नमकीन पानी का कुआं निकलता है। हालांकि, खारी बावली की वर्तमान स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत है। खारी बावली के क्षेत्र का अब मसालों के खजाने में बदल गया है।