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Travel Tips: क्यों तेजी से बढ़ रहा है 'स्लीप टूरिज्म' का ट्रेंड? जानें भारत में इसके उभरते ठिकानें

Sat, 07 Mar 2026 11:04 AM IST
Shikhar Baranawal लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्लीप टूरिज्म एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जिसके नाम से बहुत स्पष्ट है कि ये सोने से जुड़ी यात्रा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि स्लीप टूरिज्म का ट्रेंड धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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स्लीप टूरिज्म - फोटो : Adobe Stock
Sleep Tourism Kya Hai: आज की आधुनिक जीवनशैली में तनाव और अनिद्रा एक वैश्विक समस्या बन चुकी है। आमतौर पर लोग जब घूमने जाते हैं तो थकान मिटाने के लिए जाते हैं, मगर इन दिनों पर्यटन का एक बिल्कुल नया रुप देखने को मिल रहा है जिसे 'स्लीप टूरिज्म' कहा जा रहा है। अब लोग छुट्टियों का मतलब सिर्फ पहाड़ों की चढ़ाई या समुद्र किनारे पार्टी करना नहीं, बल्कि सुकून की गहरी नींद लेने के मकसद से घूमने जा रहे हैं।

स्लीप टूरिज्म का बढ़ता ट्रेंड को देखते हुए दुनिया भर के बड़े होटल और रिसॉर्ट्स अब 'स्लीप पैकेज' भी पेश कर रहे हैं, जहां मेहमानों को सोने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए कमरे दिए जाते हैं। इन कमरों में शोर को सोखने वाली दीवारें, शरीर के तापमान के अनुसार ढलने वाले स्मार्ट गद्दे और हवा को शुद्ध करने वाली चीजें लगाई जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अब 'बर्नआउट' से बचते हैं, ऐसी जगहों को प्राथमिकता देते हैं जहां उनका फोन बंद रहे और वे अपनी 'स्लीप डेट' को चुका सकें।
 
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स्लीप टूरिज्म - फोटो : Adobe Stock
स्लीप टूरिज्म में क्या खास मिलता है?
  • ये होटल 'स्लीप कंसीयज' होते हैं जो आपकी नींद के पैटर्न के आधार पर आपको सही तकिए और सुगंध का सुझाव देते हैं।
  • मेहमानों को सोने से पहले विशेष हर्बल चाय, गाइडेड मेडिटेशन और 'व्हाइट नॉइज' मशीनों की सुविधा दी जाती है जो बाहरी शोर को शून्य कर देती हैं।
  • कुछ रिसॉर्ट्स तो 'स्लीप लैब' की सुविधा भी देते हैं जहाँ डॉक्टर आपकी नींद की गुणवत्ता की जांच कर आपको बेहतर स्वास्थ्य के टिप्स देते हैं।
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स्लीप टूरिज्म - फोटो : Adobe Stock
क्यों बढ़ रही है इस अनोखे ट्रेंड की मांग?
 
  • वर्क-फ्रॉम-होम और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग ने लोगों की नेचुरल 'सर्कैडियन रिदम' को बिगाड़ दिया है, जिससे गहरी नींद लेना आराम से सोना लग्जरी लाइफस्टाइल माना जा रहा है।
  • ऐसे में ज्यादातर यात्री अब फोटो खींचने वाली भीड़-भाड़ वाली जगहों के बजाय ऐसी शांत जगहों पर पैसा खर्च करना चाहते हैं जहां मानसिक शांति मिलती है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ अच्छी नींद को अब एक बड़े स्वास्थ्य निवेश के तौर पर देखते हैं।
 
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स्लीप टूरिज्म - फोटो : Adobe Stock
भारत में कहां कर सकते हैं स्लीप टूरिज्म?
  • भारत में भी ऋषिकेश, केरल और कुर्ग जैसे शांत इलाकों में 'स्लीप रिट्रीट्स' की मांग तेजी से बढ़ी है, जहां प्रकृति के बीच सोने का अनुभव मिलता है।
  • ये केंद्र आयुर्वेद और योग निद्रा का सहारा लेकर अनिद्रा के रोगियों को बिना दवाओं के प्राकृतिक तरीके से सुलाने का अभ्यास कराते हैं।
  • हिमालय की गोद में स्थित कई होमस्टे अब 'डिजिटल डिटॉक्स' के साथ 'डीप स्लीप' के अनुभव को जोड़कर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
 
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स्लीप टूरिज्म - फोटो : Adobe Stock
क्यों जरूरी है स्लीप टूरिज्म?

स्लीप टूरिज्म सिर्फ एक लग्जरी ट्रेंड नहीं है, बल्कि हमारे शरीर की जरूरत के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत भी है। अगर आप भी हर सुबह थकान के साथ उठते हैं, तो शायद आपको घूमने की नहीं, बल्कि अच्छे से 'सोने' की छुट्टी की जरूरत है। बहुत से लोगों के लिए यात्रा का उद्देश्य अब बाहरी दुनिया को देखना नहीं, बल्कि अपने भीतर के उथल-पुथल को समझना हो गया है। एक अच्छी नींद न सिर्फ आपके मूड को सुधारती है, बल्कि आपकी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को भी कई गुना बढ़ा देती है।
 
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