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Travel Budget 2026: बुद्ध सर्किट से टर्टल ट्रेल्स तक, बजट में घूमने वालों के लिए क्या-क्या खास?

Sun, 01 Feb 2026 12:41 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Budget For Tourism Sector: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा। ये सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा। आइए जानते हैं पर्यटन पर वित्त मंत्री का बजट और घोषणाएं क्या रहीं।
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पर्यटन पर सरकार का एलान - फोटो : Amar ujala
Travel Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करते हुए आम आदमी को कई सौगाते दीं। वित्त मंत्री ने रेल काॅरीडोर और जलमार्ग विस्तार को बढ़ावा देने की घोषणा की। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बड़ी घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा। ये सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा। आइए जानते हैं पर्यटन पर वित्त मंत्री का बजट और घोषणाएं क्या रहीं।

बजट में पर्यटन पर ये घोषणाएं
  • नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा
  • सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा।
  • वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग पर घोषणा
  • हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे।
  • ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे। 
  • धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • टियर-टू और टियर-3 में तीर्थ कस्बों में इन्फ्रा पर ध्यान दिया जाएगा।
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बुद्ध सर्किट - फोटो : Adobe
नॉर्थ ईस्ट में बुद्ध सर्किट, आध्यात्मिक पर्यटन की नई धुरी

वित्त मंत्री ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनाने की घोषणा कर एक बड़ा दांव खेला है। यह सर्किट,
  • अरुणाचल प्रदेश
  • सिक्किम
  • असम
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा को आपस में जोड़ेगा।

यह केवल पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि भारत की उस बौद्ध परंपरा को सामने लाने की कोशिश है जो पूर्वोत्तर में आज भी जीवित है। इससे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटक, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया से आने वाले यात्रियों को आकर्षित किया जा सकेगा। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, होमस्टे और गाइड आधारित रोज़गार को सीधा लाभ मिलेगा।
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ट्रैकिंग और हाइकिंग - फोटो : istock
ट्रैकिंग और हाइकिंग पर भारत बनेगा एडवेंचर हब

बजट 2026 में एडवेंचर टूरिज़्म को भी गंभीरता से लिया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर
  • अराक्कू घाटी (आंध्र प्रदेश) में आधुनिक सुविधाओं से लैस माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।

यह पहल भारत को वैश्विक ट्रैकिंग और हाइकिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर सकती है। इसका सीधा असर स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, रेस्क्यू, हॉस्पिटैलिटी और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार पर पड़ेगा।

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टर्टल ट्रेल्स - फोटो : Instagram
ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स

पर्यटन के साथ पर्यावरण, यह संतुलन बजट की सबसे सकारात्मक बातों में से एक है। सरकार ने
  • ओडिशा
  • कर्नाटक
  • केरल में टर्टल ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की है।

ये ट्रेल्स समुद्री कछुओं के संरक्षण, जागरूकता और नियंत्रित पर्यटन को बढ़ावा देंगे। यह मॉडल बताता है कि पर्यटन केवल उपभोग नहीं, बल्कि संरक्षण का माध्यम भी हो सकता है।
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Dholavira - फोटो : Instagram
धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थल बनेंगे सांस्कृतिक गंतव्य

बजट में यह भी ऐलान किया गया है कि धोलावीरा की तर्ज पर देश के 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। इसका मतलब,
  • बेहतर कनेक्टिविटी
  • विज़िटर सेंटर
  • डिजिटल गाइड
  • स्थानीय इतिहास का दस्तावेज़ीकरण

यह पहल भारत की प्राचीन सभ्यताओं को नई पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों के सामने सशक्त रूप में पेश करेगी।
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तीर्थ स्थलों के विकास पर फोकस - फोटो : istock
टियर-2 और टियर-3 तीर्थ कस्बों पर फोकस

सरकार ने माना है कि भीड़ सिर्फ़ बड़े धार्मिक शहरों में ही क्यों सिमटे? इसलिए बजट 2026 में टियर-2 और टियर-3 तीर्थ कस्बों में, 
  • सड़क
  • ठहरने की सुविधा
  • स्वच्छता
  • जल और बिजली

जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इससे धार्मिक पर्यटन का दबाव बंटेगा और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को नई जान मिलेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थ स्थलों के विकास हेतु 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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