गुरुद्वारा पौंटा साहिब
यमुना नदी के किनारे स्थित यह गुरुद्वारा सिखों के लिए दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की याद में निर्मित यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरु गोबिंद सिंह चार साल यहां रुके थे। एक पौराणिक कथा के अनुसार, गुरु ने पौंटा साहिब में रहने का फैसला किया क्योंकि वे जिस घोड़े की सवारी कर रहे थे वह अपने आप यहां पर रुक गया था।