Surajkund Mela 2025: सूरजकुंड मेला भारत के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेलों में से एक है, जो हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित सूरजकुंड में आयोजित किया जाता है। इसका इतिहास लगभग 35 वर्षों से अधिक पुराना है, जब हरियाणा पर्यटन विभाग ने भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की थी। इस मेले का मुख्य उद्देश्य देशभर के शिल्पकारों, कलाकारों और हथकरघा बुनकरों को एक मंच देना था, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें और अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें।
सूरजकुंड का इतिहास
सूरज कुंड का अर्थ है "सूरज का तालाब"। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि यह 10वीं शताब्दी में तोमर राजा सूरज पाल के शासनकाल में बनाया गया था। राजा सूरजपाल सूर्य के उपासक थे और उन्होंने सूरजकुंड का निर्माण जल संचयन के लिए कराया था। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चलते इस मेले का नाम 'सूरजकुंड मेला' रखा गया।