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आखिर नए साल का जश्न मनाने पर्यटक क्यों नहीं पहुंचे गोवा?

Tue, 31 Dec 2019 03:51 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Sunburn Festival - फोटो : Amar ujala
आज नए साल की शाम है और नए साल के जश्न के लिए सबसे हॉट प्लेस गोवा में वैसी भीड़ नहीं है जैसी हमेशा रहती आई है। दरअसल, गोवा में इस साल नए साल का जश्न मनाने के लिए बहुत ही कम पर्यटक पहुंचे हैं। वजह है सनबर्न फेस्टिवल। नए साल के जश्न को लेकर गोवा के वागाटोर बीच पर होने वाले सनबर्न फेस्टिवल का इन दिनों पुरजोर विरोध हो रहा है। ट्विटर पर #BanSunburnFestival ट्रेंड कराया जा रहा है। यह फेस्टिवल शुरू से गोवा में होता आ रहा था, जिसे पिछले कुछ सालों से पुणे शिफ्ट किया गया। फिर कुछ ऐसा हुआ कि इस फेस्टिवल को वापस गोवा लाना पड़ा। क्या है सनबर्न फेस्टिवल? इसके गोवा से पुणे जाने, वापस गोवा आने और विरोध के पीछे की पूरी कहानी क्या है?
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goa - फोटो : goa
क्या है सनबर्न फेस्टिवल
एशिया के सबसे बड़े म्यूजिक फेस्टिवल्स में से एक है- सनबर्न फेस्टिवल। हर साल 28 दिसंबर से 31 दिसंबर तक होने वाले इस फेस्टिवल में सबसे ज्यादा सैलानी आते हैं। सैलानियों में विदेशी भी शामिल होते हैं। यह फन और इंटरटेनमेंट से भरा इवेंट होता है। बड़ी संख्या में युवा नए साल का जश्न मनाने इस फेस्टिवल में पहुंचते हैं। इस फेस्टिवल में कई तरह के एडवेंचरों के साथ शराब पीना आम बात होती है।
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Sunburn Festival - फोटो : Social media
साल 2016 में पुणे शिफ्ट हो गया फेस्टिवल
गोवा में हर साल होने वाला यह फेस्टिवल साल 2016 में पुणे शिफ्ट हो गया था। तभी गोवा के तत्कालीन पर्यटन मंत्री दिलीप पारुलेकर का कहना था कि गोवा में पर्यटन के लिहाज से दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पीक सीजन रहता है और ऐसे में अराजकता की स्थिति होने की संभावना है। इसके बाद फेस्टिवल के आयोजकों ने इसे पुणे में करने का फैसला लिया।

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Sunburn Festival, Pune - फोटो : Social media
पुणे में भी होता रहा विरोध
इस फेस्टिवल ड्रग सप्लाई और नशा को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जाने के बाद इसे गोवा से पुणे शिफ्ट किया गया। साल 2017 में पुणे से सटे बावधन और लवले गांव के लोगों ने सनबर्न फेस्टिवल के लिए चट्टान काटने के काम पर रोक लगा दी थी। पहले पुणे के मोशी में इस फेस्टिवल का विरोध हुआ। इसके बाद लोनीकंद गांव में इसका आयोजन किया गया, लेकिन वहां पर भी स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। पुणे में भी तीन साल से हो रहे आयोजन के दौरान विरोध होता रहा। इस बार फिर से गोवा में इस फेस्टिवल का आयोजन कराया जा रहा है।
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सनबर्न फेस्टिवल में क्या होता है खास
  • डीजे और बैंड म्यूजिक: सनबर्न फेस्टिवल दुनिया के बेहतरीन म्यूजिक फेस्टिवलों में से एक है। इस फेस्टिवल में कई देशों से बैंड ग्रुप और डीजे ग्रुप पहुंचते हैं। युवा यहां लोक संगीत से लेकर रॉक म्यूजिक तक का आनंद उठाते हैं।
  • ऐक्वा रॉलिंग: इस फेस्टिवल में ऐक्वा रोलर के बीच रॉलिंग करना बेहद मजेदार अनुभव होता है। पूल में कूदने का मजा मिलता है।
  • ट्विन साइकिलिंग: सनबर्न फेस्टिवल में लोग ट्विन साइकिलिंग का आनंद उठाते हैं। इस मजेदार साइकिल पर खासकर प्रेमी युवा जोड़े एक साथ राइडिंग करते हैं। एलइडी लाइट्स से कवर इस साइकिल को दो साथी पैडल मार कर चलाते हुए घूमते हैं।
  • जंपिंग कासल: बाउसिंग कासल का मजा बच्चे ही नहीं, बड़े भी ले सकते हैं। इस फेस्टिवल में करीब 300 मीटर के मॉन्स्टर कासल पर कूदने का अलग ही आनंद होता है।
  • गुब्बारे में भ्रमण: हॉट एयर बैलून में घूमना यहां रोमांचक होता है। एडवेंचर पसंद लोग इसका मजा लेना नहीं भूलते। इसके अलावा फुटबॉल से गोल पर किक करने का भी गेम कराया जाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #BanSunburnFestival
गोवा में इस बार होने वाले सनबर्न फेस्टिवल का पुरजोर विरोध हो रहा है। ट्विटर पर #BanSunburnFestival ट्रेंड कराया जा रहा है। दक्षिण पंथी संगठन हिंदू जनजागृति समिति इस विरोध की अगुवाई कर रही है। संगठन ने रविवार को राज्य सरकार से सनबर्न उत्सव की अनुमति नहीं देने की अपील की है। संगठन के संयोजक मनोज सोलंकी ने कहा है कि राज्य सरकार को सनबर्न क्लासिके उत्सव के आयोजकों को दी गई मंजूरी तत्काल रद्द कर देनी चाहिए। आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम में लोग नशा करते हैं।
 
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Kochi Carnival - फोटो : Pixels.com
हिंदू जनजागृति समिति के संयोजक सोलंकी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में हुए इस कार्यक्रम में अत्यधिक मात्रा में नशीला पदार्थ लेने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इस उत्सव में नृत्य करते समय कुछ प्रतिभागी स्वयं को राष्ट्रध्वज में लपेटते हैं जो कि तिरंगे का अपमान है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विनोद पालयेकर ने भी पिछले सप्ताह इस तरह के उत्सवों का विरोध किया था।
 
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