Somnath Jyotirlinga Yatra: गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाछ मंदिर के पुनर्निमित मंदिर परिसर के 75 साल पूरे होने के मौके पर 11 मई 2026 को सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान मंदिर में कुंभाभिषेक, ध्वजारोहण किया।
सोमनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर गुजरात के प्रभास पाटन में अरब सागर के किनारे स्थित है और इसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक महत्व और अद्भुत वास्तुकला के कारण हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।
सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और संघर्ष का प्रतीक भी है। इतिहास में इस मंदिर को कई बार आक्रमणकारियों द्वारा तोड़ा गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यही कारण है कि इसे भारतीय सनातन संस्कृति की अटूट शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मंदिर का भव्य स्वरूप, समुद्र किनारे का शांत वातावरण और शाम की आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराती है।
अगर आप पहली बार सोमनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके मन में कई सवाल होंगे। कैसे पहुंचें, कहां ठहरें, कितना खर्च आएगा, दर्शन का सही समय क्या है और आसपास कौन-कौन सी जगहें घूमने लायक हैं। यहां आपको सोमनाथ मंदिर यात्रा की पूरी जानकारी दी जा रही है, ताकि आपकी यात्रा आरामदायक और यादगार बन सके।