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Slow Travel Trend: बिना किसी भागदौड़ के छुट्टियां, क्यों लोकप्रिय हो रहा ये नया ट्रैवल ट्रेंड

Thu, 23 Apr 2026 12:51 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Slow Travel एक ऐसा ट्रैवल स्टाइल है जिसमें लोग कम जगहों पर जाकर ज्यादा समय बिताते हैं, लोकल संस्कृति को समझते हैं और बिना भागदौड़ के यात्रा का आनंद लेते हैं। यह मानसिक शांति और गहरे अनुभव के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
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सफर की धीमी रफ्तार के फायदे - फोटो : AI

Slow Travel Trend Kya Hai, Benefits: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर चीज जल्दी-जल्दी करने की आदत बन चुकी है, यहां तक कि छुट्टियां भी लोग जल्दी जल्दी मनाने लगे हैं। छुट्टियों में लोग घूमना पसंद करते हैं लेकिन वक्त की कमी के कारण कम समय में ज्यादा जगहें देखने की कोशिश करते हैं। इसके कारण सफर एक तरह की टू डू लिस्ट बनकर रह जाता है।  लेकिन अब इस सोच में बदलाव आ रहा है। एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे स्लो ट्रैवल कहा जाता है। 

स्लो ट्रैवल का मकलब है, कम जगहों पर जाएं, लेकिन उन्हें गहराई से एक्सप्लोर करें। यह ट्रेंड सिर्फ घूमने का तरीका नहीं है, बल्कि एक माइंडसेट है, जहां आप हर पल को महसूस करते हैं, लोकल कल्चर को समझते हैं और खुद को रिलैक्स करते हैं। इसमें भागदौड़ नहीं, बल्कि सुकून और अनुभव को प्राथमिकता दी जाती है।

कोविड काल के बाद लोगों ने महसूस किया कि सफर का असली मजा तभी है जब आप उसे जीते हैं, न कि सिर्फ फोटो खींचकर आगे बढ़ जाते हैं। यही कारण है कि स्लो ट्रैवल अब मिलेनियल्स और जेन जी के बीच तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

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स्लो ट्रैवल क्या है? - फोटो : Adobe

स्लो ट्रैवल क्या है?

 

स्लो ट्रैवल का फोकस ज्यादा देखने पर नहीं बल्कि गहराई से अनुभव करने पर होता है। इसमें आप एक जगह पर ज्यादा समय बिताते हैं, वहां के लोगों से जुड़ते हैं, लोकल खाना ट्राई करते हैं और उस जगह की असली पहचान को समझते हैं।

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तनाव से राहत का नया तरीका - फोटो : Adobe

तनाव से राहत का नया तरीका

 

सफर में जल्दबाजी अक्सर थका देता है। जैसे ज्यादा घूमने के चक्कर में सुबह जल्दी उठना, लगातार घूमना और हर जगह फोटो लेना आपको यात्रा का असल अनुभव कम और थकावट ज्यादा देने वाला हो जाता है। इसके विपरीत सफर की धीमी गति आपको रिलैक्स होने का मौका देती है। यह मानसिक शांति और माइंडफुलनेस को बढ़ावा देता है, जिससे ट्रैवल एक थेरेपी जैसा महसूस होता है।

 

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लोकल कल्चर से जुड़ने का मौका - फोटो : Freepik

लोकल कल्चर से जुड़ने का मौका

 
 

स्लो ट्रैवल में आप सिर्फ पर्यटक या यात्री नहीं रहते, बल्कि उस जगह का हिस्सा बन जाते हैं। आप स्थानीय बाजारो में घूमते हैं, वहां के लोगों से बात करते हैं और उनके खान-पान व लाइफस्टाइल को करीब से समझते हैं।

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स्लो ट्रैवल बजट-फ्रेंडली भी है - फोटो : Adobe

स्लो ट्रैवल बजट-फ्रेंडली भी है

 

अगर आपको लग रहा है कि स्लो ट्रैवल में ज्यादा दिन किसी स्थान पर रुकना होता है तो महंगा हो सकता है तो ऐसा नहीं है। असल में स्लो ट्रैवल कई बार सस्ता पड़ता है। आप महंगे टूर पैकेज से बचते हैं, लोकल ट्रांसपोर्ट और होमस्टे का उपयोग करते हैं, जिससे खर्च कम हो जाता है।

 

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Travel - फोटो : istock

सतत यात्रा को बढ़ावा


स्लो ट्रैवल पर्यावरण के लिए भी बेहतर है। कम यात्रा करने और एक जगह ज्यादा समय बिताने से कार्बन फुटप्रिंट कम होता है। यह ट्रेंड जिम्मेदार पर्यटन का समर्थन करता है, जो आज के समय में बेहद जरूरी है।

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