रामगिरी शक्तिपीठ, चित्रकूट
- फोटो : Instagram
उत्तर प्रदेश में शक्तिपीठ
1. मणिकर्णिका घाट, वाराणसी, उत्तर प्रदेश - यहां माता सती की मणिकर्णिका गिरी थी। यहां माता के विशालाक्षी और मणिकर्णी स्वरूप की पूजा होती है।
2. माता ललिता देवी शक्तिपीठ, प्रयागराज - इलाहाबाद स्थित इस जगह पर माता सती के हाथ की अंगुली गिरी थी। यहां माता ललिता के नाम से जानी जाती हैं।
3. रामगिरी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश में माता सती का दायां स्तन गिरा था। इस स्थान पर माता शिवानी के रूप में पूज्यनीय हैं।
4. उमा शक्तिपीठ वृंदावन, उत्तर प्रदेश में स्थित है। इसे कात्यायनी शक्तिपीठ के नाम से भी जानते हैं। यहां माता के बाल के गुच्छ और चूड़ामणि गिरे थे।
5. देवी पाटन मंदिर, बलरामपुर में माता का बायां स्कंध गिरा था। इस शक्तिपीठ में माता मातेश्वरी के रूप में विराजमान हैं।
उत्तर भारत के शक्तिपीठ
6. नैना देवी मंदिर- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में शिवालिक पर्वत पर देवी सती की आंख गिरी थी। यहां माता देवी महिष मर्दिनी कही जाती हैं।
7. ज्वाला जी शक्तिपीठ- हिमाचल के कांगड़ा में देवी की जीभ गिरी थी, इस कारण इसका नाम सिधिदा या अंबिका पड़ा।
8. महामाया शक्तिपीठ, अमरनाथ के पहलगांव, कश्मीर में माता सती का गला गिरा था, यहां महामाया की पूजा होती है।