फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या जाने से पहले पढ़ लें, राम मंदिर से जुड़ी 10 जरूरी बातें

Thu, 22 Jan 2026 01:56 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ram Mandir Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 22 जनवरी 2026 को मनाई जा रही है। इस मौके पर जानिए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी खास बातें।
विज्ञापन
1 of 6
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ - फोटो : राम मंदिर
Ram Mandir Ayodhya: आज राम भक्तों के लिए खास दिन है। आज ही के दिन दो साल पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरी वर्षगांठ आस्था, इतिहास और पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक है। 

रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर राम मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। राम मंदिर कई कारणों से खास है, जिसमें पहला कारण है कि यहीं भगवान राम का जन्म हुआ। ये उनकी जन्मभूमि है, जिसे सदियों पहले तोड़ दिया गया था। कई साल टेंट में निवास के बाद और लंबी कोर्ट प्रक्रिया के बाद राम मंदिर का निर्माण हुआ और रामलला को स्थापित किया गया। 

सरयू तट पर बसा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक-पर्यटन स्थलों में शामिल है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या की यात्रा आध्यात्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक अनुभव  बन चुकी है, जहाँ भक्ति, वास्तुकला और व्यवस्था एक साथ चलती है। आइए जानते हैं अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी 10 खास बातें।
विज्ञापन

2 of 6
अयोध्या के राम मंदिर की तस्वीर - फोटो : ANI Photos
अयोध्या राम मंदिर की 10 खासियतें


नागर शैली की भव्य वास्तुकला

राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है जो उत्तर भारत की प्राचीन मंदिर परंपरा की पहचान है। ऊंचे शिखर, मंडप और स्तंभ मंदिर को कालातीत सौंदर्य देते हैं।


पूरी तरह स्वदेशी निर्माण

मंदिर निर्माण में विदेशी सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। राजस्थान का पत्थर, भारत की पारंपरिक इंजीनियरिंग, यह मंदिर आत्मनिर्भर भारत का स्थापत्य उदाहरण है।
विज्ञापन

3 of 6
राम मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोहे का प्रयोग नहीं

यह एक अनोखी विशेषता है कि मंदिर निर्माण में लोहे का उपयोग नहीं हुआ। पत्थरों को पारंपरिक इंटरलॉकिंग तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे मंदिर सदियों तक टिकाऊ रहेगा।


तीन मंजिला भव्य संरचना

राम मंदिर तीन मंज़िला है। हर मंज़िल पर अलग-अलग मंडप, जो श्रद्धालुओं को क्रमिक दर्शन अनुभव देते हैं।

4 of 6
राम मंदिर अयोध्या - फोटो : instagram
गर्भगृह में बालक रामलला

गर्भगृह में बाल स्वरूप रामलला विराजमान हैं। राम जी के बाल स्वरूप की मनमोहक छवि देख यात्रा पूरी हो जाती है। मन आनंदित हो उठता है। 


रामायण की कथाओं से सजी दीवारें

मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर रामायण की प्रमुख कथाएं उकेरी गई हैं। यह मंदिर केवल दर्शन नहीं, चलती-फिरती कथा है।
विज्ञापन

5 of 6
राम मंदिर आधुनिक सुविधाओं से लैस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिव्य परिसर और परिक्रमा पथ

मंदिर परिसर में विस्तृत परिक्रमा पथ, यज्ञशालाएं और उद्यान हैं। श्रद्धालु यहां शांति से बैठकर सरयू की हवा में राम नाम महसूस कर सकते हैं।


आधुनिक सुविधाओं से लैस

इस मंदिर में आस्था के साथ सुविधा मिलती है। डिजिटल दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और दिव्यांग-अनुकूल मार्ग राम मंदिर को आधुनिक तीर्थ बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
राम मंदिर परिसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या का बदला ट्रैवल मैप

राम मंदिर के बाद अयोध्या का टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर बदला है। होटल, सड़कें, घाट, लाइटिंग, हर चीज यात्रा को सहज बनाती है।


केवल मंदिर नहीं, सांस्कृतिक चेतना

राम मंदिर आज एक संरचना से आगे है, यह संविधान, परंपरा और विश्वास के बीच संतुलन का प्रतीक है। यह यात्रा श्रद्धालु को आत्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें