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गंगा की पावन धरती और शिव की नगरी काशी में स्थित है ये भव्य मंदिर, एक बार जरूर करें दर्शन

Sun, 30 Jun 2019 04:28 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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- फोटो : अमर उजाला
निर्मल गंगा की तरह पवित्र शिव की नगरी कशी, जहां मोक्ष पाने के लिए वृद्धावस्था में लोग अक्सर जाने की इच्छा रखते हैं। इस शहर का सबसे ज्यादा महत्व काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर है लेकिन इस मंदिर के अलावा यहां पर कई अन्य मंदिर हैं। देश विदेश में तो कई जगह यात्रा की होगी लेकिन अभी तक अगर काशी यात्रा नहीं कर पाए हैं तो यात्रा तभी पूरी होगी जब काशी दर्शन करेंगे..जानें काशी के इस खास मंदिर के विषय में। 
 
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तुलसी मानस मंदिर की अपनी अलग ही खासियत है। यहां जो भी दर्शनार्थी आते हैं वो यहां के हो जाते हैं। तुलसी मानस मंदिर की सभी दीवारों पर रामचरितमानस के दोहे और चौपाइयां लिखी हैं। मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1964 में कोलकाता के एक व्यापारी रतनलाल सुरेका ने तुलसी मानस मंदिर का निर्माण करवाया था। मंदिर का उद्घाटन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने किया था। 
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यहां पर मधुर स्वर में संगीतमय रामचरितमानस गूंजता रहता है। यहां पर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की प्रतिमाएं हैं। इसके अलावा यहां एक तरफ माता अन्नपूर्णा और शिवजी तथा दूसरी तरफ भगवान सत्यनारायण का मंदिर भी है। माना जाता है कि इसी स्थान पर तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना की थी, इसलिए इस तुलसी मानस मंदिर कहा जाता है। 
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तुलसी मानस मंदिर जाने के लिए आप वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचकर दुर्गाकुंड जाएं। स्टेशन से सात किमी की दूरी पर स्थित दुर्गाकुंड के पास मंदिर है। वाराणसी के भीड़-भाड़ से हटकर यह मंदिर शांति का प्रतीक है।
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