फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में है वो जगह जहां रावण वध के बाद भगवान  राम ने की थी आखिरी तपस्या, आज भी मौजूद है वो शिला

Sun, 27 Jan 2019 10:56 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
devprayag
क्या आपको पता है कि मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम ने रावण वध के बाद लंका से लौटते वक्त अपनी आखिरी तपस्या कहां की थी? अगर नहीं पता तो हम आपको यह जानकारी दे रहे हैं और साथ ही उस जगह की सैर पर भी ले जा रहे हैं। भगवान राम ने अपनी आखिरी तपस्या देवप्रयाग में की थी। यह खूबसूरत जगह उत्तराखंड में है जो कि प्रसिद्ध तीर्थस्थल के तौर पर जाना जाता है। देवप्रयाग अलकनंदा-भागीरथी नदी के संगम पर बसा है। कहा जाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पंच प्रयागों में से एक देवप्रयाग है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने के लिए मनाया तो उनके साथ ही 33 करोड़ देवी- देवता भी गंगा के साथ स्वर्ग से देवप्रयाग में उतरे थे। ये ही वो जगह है जहां भागीरथी और अलकनंदा नदी का संगम होता है ।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
devprayag - फोटो : social media
देवप्रयाग समुद्र तल से 830 मीटर की ऊंचाई पर है। ऋषिकेश से देवप्रयाग की दूरी महज 70 किलोमीटर के करीब है। यह भी कहा जाता है कि देवप्रयाग में ही मुनि देवशर्मा ने भगवान विष्णु की कठिन तपस्या की थी और भगवान ने उन्हें वरदान दिया था कि इस स्थान का नाम कालांतर में उनके नाम पर ही रखा जाएगा। अगली स्लाइड में पढ़िए मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम से जुड़ी मान्यता
विज्ञापन

3 of 4
devprayag
पौराणिक मान्यता के मुताबिक देवप्रयाग में भगवान राम ने अपनी आखिरी तपस्या की थी। लंका विजय के बाद लौटते वक्त भगवान राम ने यहां तपस्या की थी। मान्यता है कि भगवान राम ने ब्राह्मण वध (रावण वध)  के पाप से मुक्त होने के लिए देवप्रयाग में तपस्या की थी। उन्होंने यहां एक शिला पर बैठकर तपस्या की थी। यहां वो शिला आज भी मौजूद है।
विज्ञापन

4 of 4
devpryag
देवप्रयाग में ही मां गंगा के मंदिर के पास ही हनुमान जी की गुफा भी है। इस गुफा को लेकर मान्यता है कि भगवान राम के सेवक हनुमान जी भी यहां आए थे। देवप्रयाग में बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं। यह बेहद मनोरम स्थल है जहां की खूबसूरती और शांत वातावरण श्रद्धालु और पर्यटकों के दिल में सुकूं देता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें