रत्नघारा
रत्नघारा जैसा कि नाम से ही इसका अर्थ स्पष्ट है रत्नों का घर। किंवदंतियों के अनुसार, भगवान बुद्ध जब ध्यान में थे तो उस समय उनके शरीर से रंग उत्सर्जित होते थे। इस शुभ घटना की याद के रूप में, रत्नाघरा को सजाने वाले कई रंगों के झंडे हैं। फिलहाल, रत्नघारा भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा के लिए मशहुर हो गया है। इस जगह की हरियाली और शांति आपका दिल जीत लेगी।