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तमिलनाडु शहर में बनी है ये पहाड़ी, नीले फूलों से घिरी वादियों में सैर का है अद्भुत मजा

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- फोटो : social media
तमिलनाडु राज्य का शहर ऊटी नीलगिरि की पहाड़ियों में बसा पर्वतीय हिल स्टेशन है। कभी इसका पुराना नाम उटकमंड और उदगमंडलम भी हुआ करता था। कर्नाटक व तमिलनाडु की सीमा पर बसा यह शहर प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है। यूं तो मैं अनेक जगह घूम चुकी हूं, पर मुझे ऊटी की वादियां व माहौल बहुत भाया। यहां चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है। इन्हीं हरे-भरे पेड़ों व सुंदर पहाड़ियों की वजह से ऊटी का नैसर्गिक सौंदर्य मन को मोह लेता है।
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वैसे तो वर्ष भर यहां का मौसम सुहावना रहता है, मगर सर्दियों के दिनों में मौसम बेहद ठंडा हो जाता है। सर्दियों में यहां इतनी धुंध हो जाती है कि पास खड़े लोग ही नहीं दिखाई देते। ऊटी के पास नीलगिरि पहाड़ियों के कारण इसकी सुंदरता अधिक बढ़ जाती है। नीलगिरि की पहाड़ियों को ब्लू माउंटेन भी कहा जाता है। इन पहाड़ियों पर नीले रंग के फूल खिलते हैं, जिससे यहां की वादियां नीले फूलों के कारण नीले पर्वतों के समान हो जाती हैं, जो बहुत सुंदर लगती हैं। चाय के बागानों के लिए भी ऊटी प्रसिद्ध है। मैं पहली बार अपनी तमिल फिल्म की शूटिंग के चलते ही ऊटी गई थी।
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मुझे आज भी याद है, उन दिनों सर्दियों का मौसम था। शूटिंग के दौरान आस-पास सिर्फ धुंध ही धुंध दिखाई दे रही थी। यहां तक कि सहयोगी कलाकार तक धुंध में नजर नहीं आ रहे थे। सर्दी इतनी थी कि हाथ-पांव भी काम करना बंद कर चुके थे। डांस का सीन था तो डायरेक्टर के कहने पर कुछ घूंट ब्रांडी पीनी पड़ी, ताकि बदन में गर्माहट आ सके और डांस शूट पूरा हो सके। कुछ इस तरह से वह शूट पूरा किया गया। ऊटी में पर्यटकों के लिए बहुत कुछ देखने लायक है। प्रकृति प्रेमियों के लिए बॉटेनिकल गार्डन है, जिसमें दुर्लभ व कई किस्मों के पौधे लगे हैं। इस गार्डन में कई साल पुराने पेड़ भी नजर आते हैं।

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ऊटी स्थित रोज गार्डन में पर्यटकों को ऐसे-ऐसे गुलाब के फूल देखने को मिलेंगे, जिन्हें पहले कभी नहीं देखा होगा। बताते हैं कि यह भारत का सबसे बड़ा रोज गार्डन है। ऊटी की झीलें व नीलगिरि की पहाड़ियां तो मन मोह लेती हैं। झील में पर्यटक बोटिंग का लुत्फ भी उठा सकते हैं। यहां के जंगलों में लुप्त हो चुकी प्रजातियों के कई जानवर भी देखे जा सकते हैं। परिवार व बच्चों सहित घूमने के लिए ऊटी में ‘डॉल्फिंस नोज’ नामक जगह है। यहां से पूरी ऊटी व आस-पास का दृश्य बहुत सुंदर एवं विहंगम नजर आता है। 
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यहां लोग परिवार सहित पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, जिस कारण यहां खूब चहल-पहल रहती है। कोटागिरि हिल भी पर्यटकों को बहुत भाती है। जो लोग ऊटी जाएं, मगर कोटागिरि हिल न होकर आएं तो समझिए उनका घूमना अधूरा रह गया, यहां चाय के बहुत बागान हैं। पर्वत व यहां की वादियां पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं। ऊटी की मसालेदार चाय जहां पीने लायक है, वहीं यहां के लोगों की बनाई चॉकलेट भी बहुत बिकती है। यहां कई जगह चीनी रेस्तरां व होटल बने हैं, जहां पर्यटकों को चाइनीज खानपान के अलावा दक्षिण भारतीय भोजन भी मिलता है। यहां आप आज भी पुराने समय में भाप इंजन से चलने वाली ट्रेन देख सकते हैं। इस ट्रेन के जरिए यहां आस-पास के क्षेत्रों का भ्रमण करना भी अनोखा व सुखद अहसास कराता है। अगर मुझे मौका मिला तो मैं उत्तराखंड घूमना चाहूंगी। फिलहाल मैं सोनी टीवी के शो ‘तारा फ्रॉम सातारा’ में व्यस्त हूं। इसमें मैं एक रियलिटी शो के जज की भूमिका निभा रही हूं। 
(जगदीश जोशी से बातचीत पर आधारित) 
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