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शारदीय नवरात्रि 2026: राजस्थान के 6 चमत्कारी देवी मंदिर, जहां दर्शन के लिए उमड़ती है भक्तों की भीड़

Wed, 07 Oct 2026 01:20 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shardiya Navratri 2026: राजस्थान के करणी माता से लेकर कैलादेवी और जीण माता तक, हर मंदिर की अपनी अलग मान्यता और पहचान है। अगर आप राजस्थान घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन धार्मिक स्थलों को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं।
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राजस्थान के प्रसिद्ध माता मंदिर - फोटो : AI

Devi Mata Temples Rajasthan: राजस्थान अपनी ऐतिहासिक विरासत, किलों और राजघरानों की कहानियों के साथ-साथ धार्मिक आस्था के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां कई ऐसे प्राचीन देवी माता मंदिर हैं, जिनसे स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

नवरात्रि, चैत्र और शारदीय नवरात्र जैसे विशेष अवसरों पर इन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इन मंदिरों की खासियत केवल इनकी धार्मिक मान्यता ही नहीं, बल्कि इनसे जुड़ी लोककथाएं, प्राचीन परंपराएं और आसपास का प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक वातावरण भी है।

राजस्थान के अलग-अलग जिलों में स्थित देवी मंदिरों में माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। कई मंदिर शक्तिपीठ या लोक-आस्था के प्रमुख केंद्रों के रूप में प्रसिद्ध हैं, जबकि कुछ मंदिरों की पहचान स्थानीय देवी के रूप में होती है।

यहां आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन के साथ अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना भी करते हैं। अगर आप राजस्थान में धार्मिक यात्रा या मंदिर दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में जानना आपके लिए खास हो सकता है।

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करणी माता मंदिर, राजस्थान - फोटो : Instagram

करणी माता मंदिर, देशनोक

बीकानेर के पास देशनोक स्थित करणी माता मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के कारण देशभर में अलग पहचान रखता है। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में चूहे दिखाई देते हैं, जिन्हें स्थानीय आस्था में विशेष महत्व दिया जाता है।देशनोक का यह मंदिर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी काफी लोकप्रिय है और राजस्थान आने वाले कई पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

 

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कैला माता मंदिर, करौली - फोटो : instagram

कैलादेवी मंदिर, करौली

करौली जिले में स्थित कैलादेवी मंदिर राजस्थान के प्रमुख देवी मंदिरों में गिना जाता है। माता कैलादेवी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। विशेष अवसरों और मेलों के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।

मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराएं और स्थानीय मान्यताएं इसे राजस्थान के प्रमुख आस्था केंद्रों में स्थान देती हैं।

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जीण माता मंदिर सीकर - फोटो : instagram

जीण माता मंदिर, सीकर

सीकर जिले में स्थित जीण माता मंदिर भी राजस्थान के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में शामिल है। अरावली क्षेत्र के बीच स्थित इस मंदिर का धार्मिक महत्व काफी पुराना माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।

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शीतला माता मंदिर, जयपुर - फोटो : AI

शीतला माता मंदिर, जयपुर

जयपुर के पास स्थित शीतला माता मंदिर भी स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। शीतला माता की पूजा से जुड़ी कई पारंपरिक मान्यताएं राजस्थान के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रचलित हैं। विशेष पर्व के दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है।

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आशापुरा माता मंदिर, नाडोल, राजस्थान - फोटो : instagram

आशापुरा माता मंदिर

राजस्थान के पाली जिले के नाडोल गांव में आशापुरा माता का प्रसिद्ध मंदिर है। माता को मनोकामना पूरी करने वाली देवी के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। राजस्थान की लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में आशापुरा माता का विशेष स्थान है।

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तनोट माता मंदिर जैसलमेर - फोटो : Instagram

तनोट माता मंदिर, जैसलमेर

भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट जैसलमेर क्षेत्र में स्थित तनोट माता मंदिर अपनी विशिष्ट धार्मिक और सैन्य इतिहास से जुड़ी पहचान के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। सीमा क्षेत्र के कारण इस मंदिर की यात्रा का अनुभव अन्य धार्मिक स्थलों से काफी अलग है।


राजस्थान के देवी मंदिर क्यों हैं खास?

राजस्थान के देवी मंदिरों की खासियत उनकी प्राचीन मान्यताओं और लोक परंपराओं में दिखाई देती है। कई मंदिरों में नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर विशेष पूजा-अर्चना होती है। इन मंदिरों के आसपास लगने वाले मेले स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और खान-पान को भी देखने का अवसर देते हैं।

धार्मिक यात्रा पर जाने से पहले मंदिर के दर्शन का समय, स्थानीय नियम, भीड़ और यात्रा व्यवस्था की जानकारी लेना बेहतर रहता है। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ सकती है।

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