भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग भाषा, बोलियां, संस्कृति और परंपराएं हैं। कोई राज्य बर्फ की चादर से ढका रहता है तो कुछ राज्य हरी भरी वादियों के बीच पहाड़ों में स्थित हैं। कुछ मैदानी क्षेत्र, जंगलों और रेतीले मैदानों से घिरे हैं तो कुछ झीलों और झरनों से समृद्ध हैं। ऐसे ही दक्षिण भारतीय राज्य समुद्र तटों पर बसे हैं। पहाड़ों से लेकर मैदानी और समुद्री तटों पर स्थित इस जगहों पर कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो कि धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। इतनी विविधताओं वाले देश की आबादी ही इन विविधताओं और अलग संस्कृतियों से परिचित नहीं है। वहीं दुनियाभर के देशों को भी भारत के पर्यटन से परिचित कराने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था का कुछ अंश पर्यटन पर निर्भर है। पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार व देश की जीडीपी में बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके लिए भी पर्यटन दिवस मनाने की आवश्यकता महसूस की गई। राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के महत्व को समझने के साथ ही इसके इतिहास के बारे में जान लीजिए।