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Narak Chaturdashi 2025: छोटी दिवाली की पावन बेला पर जाएं इन तीर्थ स्थलों पर, दूर होंगे जीवन के अंधकार

Sun, 19 Oct 2025 07:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Narak Chaturdashi 2025: यदि आप इस साल नरक चतुर्दशी 2025 पर परिवार के साथ धार्मिक यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो भारत के ये पवित्र स्थल विशेष पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध हैं।
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नरक चतुर्दशी - फोटो : amar ujala
Narak Chaturdashi 2025: दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है, जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। ये पर्व धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था और धर्म की पुनर्स्थापना की थी। कहा जाता है कि इस दिन स्नान, दान और पूजन करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और घर में समृद्धि आती है। यदि आप इस साल नरक चतुर्दशी 2025 पर परिवार के साथ धार्मिक यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो भारत के ये पवित्र स्थल विशेष पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध हैं।

द्वारका

गुजरात के द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण की नगरी कहा जाता है। द्वारका में नरक चतुर्दशी का पर्व भव्य रूप से मनाया जाता है। यहां द्वारकाधीश मंदिर में विशेष अभिषेक और दीपदान होता है। भक्त दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


वृंदावन और मथुरा

उत्तर प्रदेश के वृंदावन और मथुरा में छोटी दिवाली की पर्व मनाने के लिए जा सकते हैं। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की भूमि मथुरा-वृंदावन में इस दिन दीपदान और संकीर्तन होते हैं। बांके बिहारी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर में भक्तगण विशेष पूजन कर पवित्र स्नान करते हैं।


वाराणसी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा घाटों पर नरक चतुर्दशी के दिन विशेष स्नान और दीपदान का आयोजन होता है। कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।


उज्जैन

मध्य प्रदेश के उज्जैन को महाकाल की नगरी कहा जाता है। महाकालेश्वर मंदिर में नरक चतुर्दशी के दिन विशेष भस्म आरती और महापूजा होती है। भक्त यहां भगवान शिव के दर्शन के साथ मोक्ष की कामना करते हैं।


तिरुपति बालाजी

आंध्र प्रदेश) में तिरुपति बालाजी मंदिर है।  तिरुपति में नरक चतुर्दशी पर भक्त भगवान विष्णु के अवतार श्री वेंकटेश्वर की विशेष पूजा करते हैं। इस दिन यहां दीपोत्सव और अन्नदान के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।


हरिद्वार

उत्तराखंड के हरिद्वार में नरक चतुर्दशी के दिन हर की पौड़ी पर स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है। हजारों श्रद्धालु यहां गंगा आरती में शामिल होकर पुण्य अर्जित करते हैं।
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