भारत में कहां मनाई जाती है सबसे खास नाग पंचमी?
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उज्जैन में नाग पंचमी का खास महत्व
उज्जैन की नाग पंचमी देशभर में सबसे चर्चित आयोजनों में शामिल है। यहां महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी हिस्से में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार नाग पंचमी के दिन खोले जाते हैं। मंदिर में भगवान शिव-पार्वती की नाग शैय्या पर विराजमान दुर्लभ प्रतिमा है।
मान्यता है कि नागराज तक्षक ने भगवान शिव की तपस्या की थी और वरदान मिलने के बाद महाकाल क्षेत्र में निवास किया। इसी धार्मिक मान्यता के कारण नाग पंचमी के दिन यहां विशेष पूजा और दर्शन का महत्व माना जाता है।
नागपुर में नाग देवता की विशेष पूजा
नागपुर में भी नाग पंचमी का पर्व पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है। शहर के पुराने इलाकों में कई नाग मंदिर हैं और महल स्थित नागोबा मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। नाग पंचमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
नागपुर और विदर्भ में कई परिवार इस दिन नाग देवता की तस्वीर बनाकर पूजा करते हैं। घरों में पारंपरिक पकवान और ‘कड़ई’ प्रसाद तैयार करने की परंपरा भी बताई जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस दिन खेती से जुड़े कुछ काम न करने की परंपरा भी प्रचलित है।
महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में नाग पंचमी
महाराष्ट्र में नाग पंचमी का पर्व धार्मिक पूजा के साथ लोक संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है। कई जगह नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर की पूजा की जाती है, जबकि कुछ ग्रामीण इलाकों में वारुळ यानी नागों के बिल की पूजा की परंपरा भी मिलती है। महिलाएं व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती हैं।
यूपी में नाग पंचमी कैसे मनाई जाती है?
उत्तर प्रदेश में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद घरों में नाग देवता की पूजा की जाती है। कई जगहों पर घर के दरवाजे या दीवार पर नाग देवता की आकृति बनाकर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाने की परंपरा है। श्रद्धालु नाग देवता को दूध और मिठाई अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।