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Kashi Tour: वाराणसी गए और इन जगहों पर नहीं घूमें तो फिर अधूरी है आपकी यात्रा

Tue, 26 Nov 2019 02:15 PM IST
Nilesh Kumar लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Varanasi - फोटो : Pixabay
घुमक्कड़ी, लोगों की एक अच्छी आदत है। यह न केवल अलग-अलग भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं से आपका परिचय कराती है, बल्कि हर बार यह आपके अनुभवों में एक अलग अध्याय जोड़ती है। देश की सबसे प्राचीन नगरों में शामिल वाराणसी की यात्रा करना अपने आप में एक अनूठा अनुभव होता है। अगर आप वाराणसी जाएं तो अपनी लिस्ट में इन जगहों को जरूर शामिल करें, वरना आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी।

 
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गंगा आरती - फोटो : amar ujala
वाराणसी को बाबा विश्वनाथ की नगरी कहा जाता है। यह बनारस और काशी के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहां की संकरी गलियों में घूमने का अलग ही रोमांच होता है। बनारस के घाटों का नजारा तो अद्भुत होता है। खासकर नावों पर गंगा महाविहार करते हुए महाआरती देखना लोगों के जीवन का यादगार पल बन जाता है। खासकर दशाश्वमेध घाट की आरती का दृश्य अनुपम होता है। कोई वाराणसी जाए और इन जगहों पर नहीं घूमे, तो फिर क्या ही घूमे।
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काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : amarujala
मंदिरों की काशी
मंदिरों के शहर वाराणसी में लगभग हर सड़क और गली में आपको एक मंदिर जरूर मिल जाएगा। हालांकि घाट किनारे कई ऐसे ऐतिहासिक मंदिर हैं, जो अपनी बनावट, खूबसूरती और पौराणिकता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यहां आकर लोग काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं। भगवान भोलेनाथ के इस मंदिर की छत पर सोना मढ़ा हुआ है। इसके अलावा लोग संकट मोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर और भारत माता मंदिर भी जाना नहीं भूलते।

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दशाश्वमेध घाट - फोटो : अमर उजाला
गंगा में डुबकी नहीं लगाई तो...
गंगा किनारे बसे वाराणसी को घाटों का शहर भी कहा जाता है। यहां यूं तो कुल 84 घाट हैं, लेकिन दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और मणिकर्णिका घाट का ज्यादा महत्व है। श्रद्धालु यहां पवित्र नदी गंगा में डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना करते हैं।  गंगा घाटों पर मन को अलग ही शांति मिलती है। आपको ऐसा लगेगा जैसे आपकी चिंता दूर हो रही है। गंगा में बोट राइडिंग का भी अलग ही मजा है।
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Sarnath - फोटो : Incredible India
सुकून चाहते हैं तो सारनाथ जरुर जाएं
अगर आप भीड़भाड़ से दूर जाना चाहते हैं और सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं तो आप सारनाथ जा सकते हैं। बौद्धों का तीर्थस्थल सारनाथ वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित है। कहा जाता है कि भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश यहीं पर दिया था। सारनाथ के आसपास कई खूबसूरत स्तूप और मंदिर भी हैं।
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varanasi station - फोटो : अमर उजाला
ऐसे पहुंचे वाराणसी
  • हवाई मार्ग: दिल्ली से वाराणसी की दूरी हवाई मार्ग से 676 किमी है। यहां के लिए सीधी फ्लाइट सेवा उपलब्ध है।
  • रेल मार्ग: दिल्ली से वाराणसी की दूरी रेल मार्ग से 752 किमी है। वाराणसी जंक्शन के लिए 26 सीधी ट्रेनें हैं।
  • सड़क मार्ग: सड़क मार्ग से दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 805 किमी है। एनएच-56 के जरिए यह देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
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