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Monsoon Travel Guide: बारिश में घूमने का मन है? इन हिल स्टेशनों पर जाना बन सकता है रिस्की

Fri, 25 Jul 2025 10:49 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Monsoon Travel Guide: पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होना और अचानक मौसम का बदलना आपकी यात्रा को खतरे में डाल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप मानसून के दौरान उन जगहों के बारे में जानें जहां जाना रिस्की हो सकता है।
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मानसून में ट्रिप - फोटो : Adobe
Monsoon Travel Guide: मानसून का मौसम हर किसी को भाता है। ठंडी हवाएं, हरियाली और रिमझिम बारिश का साथ हिल स्टेशनों की सैर को और भी रोमांटिक बना देता है। लेकिन यह मौसम जितना रोमांचक होता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है। मानसून में यात्रा करना वाकई खूबसूरत अनुभव हो सकता है लेकिन प्लानिंग और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। मौसम अपडेट्स चेक करें, ट्रैफिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें और जहां खतरा अधिक हो, वहां जाने से परहेज़ करें। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होना और अचानक मौसम का बदलना आपकी यात्रा को खतरे में डाल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप मानसून के दौरान उन जगहों के बारे में जानें जहां जाना रिस्की हो सकता है।
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स्पीति घाटी की तस्वीरें - फोटो : Adobe Stock
लाहौल-स्पीति, किन्नौर

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाके जैसे लाहौल-स्पीति और किन्नौर मानसून में बेहद सुंदर नजर आते हैं, लेकिन लगातार बारिश और पत्थर गिरने की घटनाएं यहां आम हैं। सड़कों पर फिसलन और लैंडस्लाइड के कारण यहां जाना जोखिम भरा हो सकता है। इन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर होता है। चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित हैं।
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कैट पाइंट महाबलेश्वर - फोटो : instagram
महाराष्ट्र का महाबलेश्वर और लोनावला

महाराष्ट्र के पहाड़ी पर्यटन स्थल मानसून में बेहद भीड़-भाड़ वाले हो जाते हैं। हालांकि लोनावला और महाबलेश्वर जैसे लोकप्रिय स्थानों पर फिसलन भरी सड़कों, ट्रैफिक जाम और भूस्खलन की आशंका रहती है। अगर आप मानसून में महाबलेश्वर या लोनावला की यात्रा कर रहे हैं तो भारी बारिश में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। बच्चों और बुजुर्गों को साथ ले जाते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें।

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बदरीनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बद्रीनाथ, केदारनाथ रूट

बरसात के मौसम में उत्तराखंड के कुछ क्षेत्र, जैसे केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले रास्ते अक्सर भूस्खलन से प्रभावित होते हैं। कई बार ये रूट घंटों या दिनों तक बंद रहते हैं। अगर आप बद्रीनाथ, केदारनाथ की यात्रा कर रहे हैं तो मौसम की भविष्यवाणी देखकर ही यात्रा करें। सरकारी अलर्ट्स पर ध्यान दें।
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मेघालय - फोटो : Adobe
शिलॉन्ग और मेघालय

मानसून में शिलाॅन्ग और मेघालय में अधिक बारिश और फॉग की स्थिति बन जाती है। मेघालय को दुनिया का सबसे अधिक बारिश वाला राज्य माना जाता है। यहां का मौसम मानसून में बहुत अनिश्चित हो जाता है। चेरापूंजी और शिलॉन्ग में अत्यधिक फॉग के कारण दृश्यता घट जाती है जिससे ड्राइविंग रिस्की हो जाती है। यहां आने वालों को मानसून में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना चाहिए। साथ ही बारिश से बचने के लिए वाटरप्रूफ गियर रखना चाहिए।
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Tawang - फोटो : pixabay
तवांग और जीरो

अरुणाचल प्रदेश जैसे उत्तर-पूर्वी राज्य मानसून में काफी सुंदर लगते हैं, लेकिन वहां की दुर्गम सड़कों और सीमित सुविधाओं के कारण वहां जाना काफी रिस्की हो सकता है। मानसून के दौरान भूस्खलन और खराब मौसम की स्थिति के कारण अरुणाचल प्रदेश के हिल स्टेशनों की यात्रा से बचना चाहिए। यहां स्थित तवांग हिल स्टेशन और जीरो पहाड़ी क्षेत्र हैं, जहां भारी बारिश के कारण सड़के जाम हो सकती हैं। अगर आप यहां यात्रा के लिए आ रहे हैं तो अपने वाहन की स्थिति जांच लें। साथ ही मेडिकल किट और जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
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