फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meri Saheli Initiative: ट्रेन में अकेली सफर कर रही महिलाओं के लिए तैनात हैं सहेलियां, जानें कैसे काम करती है 'मेरी सहेली'

Tue, 14 Dec 2021 06:35 PM IST
संकल्प सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
कई महिलाओं को रेल में अकेले सफर करने में डर लगता है। जिसका कारण है सफर के दौरान होने वाली असुविधाएं व असामाजिक तत्वों द्वारा पैदा होने वाली परेशानियां। इसी को ध्यान में रखते हुए रेल पुलिस बल ने ऐसी महिलाओं के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस अभियान को 'मेरी सहेली' नाम दिया गया है। जिसके तहत अब रेलों में आरपीएफ की महिला पुलिसकर्मी इन महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी। खास बात तो ये है कि ये महिला सुरक्षा कर्मी सफर में केवल रेल तक ही नहीं बल्कि घर पहुंचने तक सुरक्षा देंगी। मेरी सहेली नामक ये अभियान खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा व उनकी सुविधाओं के लिए चलाया गया है। अभी केवल दो महिला आरपीएफ का स्क्वाड कुछ गाड़ियों में तैनात किया गया है। यदि ये अभियान सफल रहा तो इसको और भी बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। ये सहेलियां अकेले सफर कर रही महिलाओं को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाएंगी।
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

कैसे करती हैं ये सहेलियां काम

महिलाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से चलाए गए अभियान मेरी सहेली के तहत अभी दो महिला आरपीएफ स्क्वाड को जंक्शन से चलने वाली इंटरसिटी व आला हजरत एक्सप्रेस आदि रेलों में तैनात किया गया है। ये स्क्वाड ऐसी महिलाओं को चिन्हित करता है, जो सफर में अकेली हों। 
विज्ञापन

3 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नियमित रूप से अकेले सफर करने वाली महिलाओं का एक चार्ट भी तैयार किया जाता है। जिसमें यात्री की सारी जानकारी (नाम पता पीएनआर नंबर व मोबाइल नंबर) रिकॉर्ड की जाती है। मेरी सहेली स्क्वाड महिलाओं को उनके सफर की शुरुआत से लेकर उनके गंतव्य स्टेशन तक सुरक्षा देती है। साथ ही फोन कॉल पर उनके घर पहुंचने की भी जानकारी लेती है।
विज्ञापन

4 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

एक कॉल पर मिलेगी मदद

मेरी सहेली अभियान के तहत महिलाओं को सबसे बड़ी राहत इस प्रकार मिल रही है, कि पूरे सफर में कहीं भी कोई अप्रिय घटना होने पर महिलाएं बस एक फोन कॉल के जरिए चन्द मिनटों में मदद पा सकेंगी। क्योंकि हर महिला की सारी जानकारी कोच नंबर व सीट नंबर पहले से ही रेल सुरक्षा बल के पास मौजूद होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें