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Lord Buddha Temple in India: भारत में कहां-कहां स्थित हैं भगवान बुद्ध के मंदिर, जानिए सबकी खासियत

Sun, 02 Feb 2025 11:02 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में भगवान बुद्ध के कई प्रसिद्ध मंदिर और स्तूप हैं, जो न केवल धार्मिक बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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भारत में कहां-कहां स्थित हैं भगवान बुद्ध के मंदिर - फोटो : अमर उजाला

Lord Buddha Temple in India: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 8वां बजट 2025-26 पेश किया, जिसमें युवाओं, कृषि क्षेत्र, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े ऐलान किए गए। इस बजट की खास बात ये भी थी कि उन्होंने ये माना कि देश के विकास में पर्यटन की भी बड़ी भूमिका है। इसी के चलते वित्त मंत्री ने बजट में बुद्ध से जुड़े पर्यटन स्थल को विकसित करने की बात कही। 

भारत में भगवान बुद्ध के मंदिरों और स्तूपों की प्रमुखता बौद्ध धर्म के इतिहास और संस्कृतियों को दर्शाती है। इन स्थलों पर जाकर न केवल धार्मिक अनुभव प्राप्त किया जा सकता है, बल्कि यह स्थल बौद्ध कला, वास्तुकला और इतिहास के भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि भारत में कौन से प्रमुख बौद्ध स्थल हैं।

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महाबोधि मंदिर (बोधगया, बिहार) - फोटो : instagram
महाबोधि मंदिर (बोधगया, बिहार)

भगवान बुद्ध का ये मंदिर उस स्थान पर स्थित है, जहां भगवान बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था। यूनेस्को द्वारा यह स्थल विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। ये बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है। यहां एक बोधि वृक्ष है, जिसे बुद्ध के ज्ञान की प्राप्ति से जोड़ा जाता है। इसके साथ-साथ यहां वज्रासन है, जहां भगवान बुद्ध ने ध्यान किया था।  
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सांची स्तूप (सांची, मध्य प्रदेश) - फोटो : instagram
सांची स्तूप (सांची, मध्य प्रदेश)

ये स्तूप बौद्ध धर्म के विकास और प्रसार का गवाह है। सांची स्तूप सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए स्तूपों में से एक है, जो बौद्ध धर्म का प्रमुख प्रतीक है। यहां तोरण द्वार है, जो बुद्ध के जीवन और उपदेशों को चित्रित करता है। सांचू स्तूप की शानदार नक्काशी और मूर्तियां, जो बौद्ध संस्कृति और कला का प्रतिनिधित्व करती हैं। ये जगह भी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

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रामाभार स्तूप (कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) - फोटो : instagram
रामाभार स्तूप (कुशीनगर, उत्तर प्रदेश)
 
ये वही स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। इसी के चलते ये स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां रामाभार स्तूप और बुद्ध की मूर्तियां आकर्षण का मुख्य केंद्र है। रामाभार स्तूप में बुद्ध की अंतिम विश्राम की स्थिति की मूर्ति है।  
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धौली गिरि स्तूप (भुवनेश्वर, ओडिशा) - फोटो : instagram
धौली गिरि स्तूप स्तूप (भुवनेश्वर, ओडिशा)

 धौली गिरि स्तूप वह स्थान है जहां सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया था। ऐसे में ये स्थल अशोक के जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है। यहां देखने को शांति स्तूप है, जो जापानी शैली में बना है और शांति का प्रतीक है। इसके अलावा यहां अशोक के शिलालेख, जो बौद्ध धर्म के प्रचार के बारे में बताते हैं।  
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थिकसे मठ (लद्दाख, जम्मू और कश्मीर) - फोटो : instagram
थिकसे मठ (लद्दाख, जम्मू और कश्मीर)
  
थिकसे मठ तिब्बती बौद्ध धर्म का सबसे बड़ा मठ है और लद्दाख की प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। ये मठ तिब्बती संस्कृति और धर्म का केंद्र है। यहां स्थित 49 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की मूर्ति आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इसके साथ-साथ मठ में तिब्बती बौद्ध धर्म से संबंधित चित्रकला और नक्काशी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचती है।  

 
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सारनाथ मंदिर (सारनाथ, उत्तर प्रदेश) - फोटो : instagram
सारनाथ मंदिर (सारनाथ, उत्तर प्रदेश)

सारनाथ वह स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। ये स्थल बौद्ध धर्म के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान है।  यहां धमेक स्तूप है, जो भगवान बुद्ध के पहले उपदेश का प्रतीक है। इसके अलावा सारनाथ संग्रहालय में भगवान बुद्ध से जुड़े प्राचीन अवशेष हैं।  
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बौद्ध मंदिर (सारनाथ, उत्तर प्रदेश) - फोटो : instagram
वैशाली स्तूप (वैशाली, बिहार)

वैशाली स्तूप वो स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश दिया था। इसी के चलते इस जगह को "बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र" माना जाता है। यहां बुद्ध के जीवन से जुड़ी घटनाओं की नक्काशी और मूर्तियां स्थित हैं। 
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