Lohri 2025: लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख त्योहार है। इसे मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी का पर्व पर विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है, लेकिन दिल्ली में भी इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी के मौके पर लोग गुरुद्वारे जाते हैं। पर्व पर गुरुद्वारों की सैर न केवल आध्यात्मिक अनुभव देती है, बल्कि यह हमें सिख धर्म की समृद्ध परंपराओं और इतिहास से भी जोड़ती है। यहां लंगर और कीर्तन का आयोजन होता है। वैसे तो देश भर में कई ऐतिहासिक महत्व रखने वाले प्रसिद्ध गुरुद्वारे हैं लेकिन अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं तो राजधानी में ही कई गुरुद्वारों में माथा टेकने जा सकते हैं।
लोहड़ी के अवसर पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे घूमने का खास महत्व है। इन गुरुद्वारों में जाकर आप आध्यात्मिक शांति के साथ त्योहार की खुशियां भी मना सकते हैं। दिल्ली के ये प्रसिद्ध गुरुद्वारे लोहड़ी के उत्साह और धार्मिक भावनाओं को और भी खास बना देते हैं। इस लेख में आपको दिल्ली के कुछ प्रसिद्ध गुरुद्वारों के बारे में बताया जा रहा है।