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स्वीडन का आइस होटल बन रहा है पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र, बर्फ से बने हैं बार और कमरे

Fri, 08 Jan 2021 10:09 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आइस होटल, स्वीडन - फोटो : Social media

दुनिया में सारे घुमक्कड़ ऐसे भी हैं जो कि अलग-अलग तरह के होटलों में ठहरने के शौकीन होते हैं। दुनिया में कई सारी अजीबोगरीब होटल हैं, जो कि कुछ अलग हटके प्रस्तुत करने के कारण पूरे विश्व में जानी जाती हैं। कुछ अलग दिखने की इस कड़ी में हाल ही में स्वीडन में मौजूद आइस होटल चर्चा का विषय बनी हुई है। वैसे तो यह होटल बहुत पुरानी है लेकिन हर साल कलाकारों द्वारा की गई अलग-अलग कलाकारियों के कारण ये लोगों को आकर्षित करने लगता है। अगली स्लाइड्स से जानिए आइस होटल से जुड़ी अन्य जानकारी। 

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यह पिघलकर नदी बनने लगता है - फोटो : Social media

टॉर्न नदी के ऊपर बना है होटल
इस आइस होटल की खासियत यह है कि यह पूरे साल एक सा नहीं रह पाता है। अपने तय समय पर यह पिघलकर नदी बनने लगता है। आइस होटल को स्वीडन की टॉर्न नदी के ऊपर बनाया गया है। पिछले कई सालों से यह होटल इसी नदी पर बनकर तैयार होता है और इसी नदी में घूल भी जाता है। इसलिए पूरे साल लोग इस होटल को देख भी नहीं पाते हैं।  दुनियाभर के लोग सिर्फ इस होटल को देखने के लिए दूर-दूर से स्वीडन जाते हैं और यहां पहुंचकर हर कोई अचंभित ही होता है।

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यहां प्रतिवर्ष 1 लाख से ज्यादा लोग आते हैं - फोटो : Social media

-5 डिग्री है कमरों का तापमान
हर साल दुनियाभर के कलाकार यहां आकर अपनी कला दिखाते हैं । इस साल कलाकारों ने होटल के भीतर का तापमान -5 डिग्री सेल्सियस रखा है। उन्होंने बर्फ की मोटी परत काटकर अंदर कमरों का आकार दिया है। हर साल गर्मियों तक ये ऐसे ही टिका रहता है, उसके बाद पिघलना शुरू होता है। अंदाजन यहां प्रतिवर्ष 1 लाख से ज्यादा लोग आते हैं और जो भी जाता है वह तारीफों के पुल बांधे बिना नहीं थकता है। 

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अप्रैल के बाद यह पिघलकर नदी में तबदील हो जाता है - फोटो : Social media

अप्रैल के बाद पिघलने लगता है होटल
हर साल होटल को एक नया रूप दिया जाता है। बर्फ के मौसम में होटल का निर्माण होता है। होटल को दिसंबर के महीने में खोला जाता है, जिसके बाद यह अप्रैल तक खुला रहता है। अप्रैल के बाद यह पिघलकर नदी में तबदील हो जाता है। तकनीक का इस्तेमाल करके सोलर पॉवर कूलिंग के जरिये यहां कुछ कमरों को स्थायी रूप दे दिया गया है। होटल को इकोफ्रेंडली नेचर का बनाया गया है और यहां अधिकतर उपकरण सौर ऊर्जा से ही चलते हैं। इस वजह से भी लोग यहां आना पसंद करते हैं। 

 

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होटल की दीवारें, फर्नीचर, बार आदि सब बर्फ से बने हैं - फोटो : social media
बर्फ के रेस्त्रां और सेरेमनी हॉल भी है
यह होटल पहली बार 1992 में खोला गया था। इसमें बर्फ से बने कॉम्प्लेक्स, रेस्त्रां और सेरेमनी हॉल समेत कई चीजें हैं। होटल की दीवारें, फर्नीचर, बार आदि सब बर्फ से बने हैं। इंग्लैंड के डिजाइनर जोनाथन ग्रीन ने यहां रहने के लिए एक से बढ़कर एक कमरे बनाए हैं। जिनमें कि कोरल और फिश भी हैं, जो कि पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां आने के लिए पर्यटकों को एक साल पहले से एडवांस बुकिंग करनी होती है।  
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