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पहाड़ों की खुशबू में घुलना है तो इन त्योहारों में हो जाएं शामिल

Wed, 03 Jul 2019 07:23 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
पहाड़ हर किसी की पसंदीदा जगहों में से एक है। लोग यहां वादियों के बीच प्रकृति के पास आना चाहते हैं उसे करीब से देखना चाहते हैं। क्योंकि पहाड़ हर किसी को सुकून देता है, यहां लोगों को जिंदगी को देखने का एक अलग नजरिया मिलता है। आप उस जगह की संस्कृति और भाषा के बारे में आप नहीं जानते हैं फिर भी आप अपने आप को वहां के लोगों के बीच में घुला हुआ पाएंगे। अगर आप पहाड़ों की खुशबू में घुलना चाहते हैं तो पहाड़ों के त्योहार में शामिल हो जाएं। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं आने वाले समय में पहाड़ के त्योहारों के बारे में जहां आप शरीक हो सकते हैं। 
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- फोटो : टूर माई इंडिया
हेमिस फेस्टिवल, लद्दाख
रंगों और धूमधाम का त्योहार होता है हेमिस फेस्टिवल। यह फेस्टिवल यहां के स्थानीय देवता भगवान पद्मसंभव के जन्म के तौर पर लोग मनाते हैं। भदवान पद्मसंभव ने तिब्बत में तांत्रिक बौद्ध धर्म की स्थापना की थी। इस फेस्टिवल को देखने को लिए दुनिया भर से पर्यटक लद्दाख आते हैं। यह त्योहार 8 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजन किया जाएगा। यह त्योहार हेमिस जंगचूब चोलिंग मठ में मनाया जाता है। जो कि लद्दाख से 45 किलोमीटर की दूरी पर है। 
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- फोटो : अनवेश्नाम
हरियाली तीज, किन्नौर
हरियाली तीज, हरियाली और उपज की खुशी का त्योहार है। इस त्योहार को शिमला के ऊपरी पहाड़ियों किन्नौर में डखराम और लाहौल घाटी में जुब्बल और शेगत्सम के नाम से जाना जाता है। इस त्योहार के दौरान महिलाएं चमकीले रंग की पारंपरिक कपड़े और सोने की आभूषण पहनती हैं।मानसून के महीनों में हरियाली तीज के कई मेले आयोजित किए जाते हैं जैसे कि नाग नागपी, शिब्बन दा थान और पिरोन-विरोका थान। सामान्य तौर पर ये छोटे मेले शनिवार को आयोजित किए जाते हैं। 3 अगस्त 2019 को इस त्योहार को मनाया जाएगा। 
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- फोटो : त्रिफेरमिट
लदरचा फेस्टिवल, स्पिति
काजा का लदरचा फेस्टिवल स्पिति. लद्दाख और किन्नौर क्षेत्र के लोग अपनी संस्कृति को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। मूल रूप से ये त्योहार भारत और तिब्बत के बीच के व्यापारिक संबंध को मजबूत करने के लिए आयोजित किया जाता है। आभूषण, बर्तन, कपड़े, धातु प्लास्टिक के सामान, खाने-पीने वाली चीजों का व्यापार पहले होता था। शुरुआत में इस मेले में तीन जिलों के व्यापारी यहां अपना स्टॉल लगाते थे। स्पिति घाटी में काजा इलाके में मेला 15 अगस्त से 20 अगस्त तक चलेगा।
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