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Kailash Mansarovar Yatra 2026: कैलाश मानसरोवर जाने का सपना होगा पूरा, बिना वीजा ऐसे करें यात्रा

Mon, 23 Feb 2026 10:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 Adi Kailash Yatra Package: अगर आप 2026 में बिना पासपोर्ट और वीजा के आध्यात्मिक यात्रा करना चाहते हैं तो आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा एक शानदार विकल्प है।
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कैलाश मानसरोवर - फोटो : instagram

Kailash Mansarovar Yatra: साल 2026 में कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के बीच जबरदस्त उत्साह है। हर साल हजारों भक्त भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और पवित्र झील मानसरोवर के दर्शन के लिए निकलते हैं।

आमतौर पर यह यात्रा चीन (तिब्बत) क्षेत्र में होने के कारण पासपोर्ट और वीजा के माध्यम से की जाती है, लेकिन भारत में एक ऐसा मार्ग भी है जहां पासपोर्ट और वीजा की आवश्यकता नहीं पड़ती। अगर आप 2026 में बिना पासपोर्ट और वीजा के आध्यात्मिक यात्रा करना चाहते हैं तो आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा एक शानदार विकल्प है।

हालांकि यदि आप वास्तविक कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करना चाहते हैं, तो पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य हैं। आइए जानते हैं 2026 में इस यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी। 

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कैलाश मानसरोवर - फोटो : instagram

बिना पासपोर्ट और वीजा कैसे संभव है यात्रा?

भारत सरकार द्वारा संचालित आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा उत्तराखंड मार्ग के की जाती है। श्रद्धालु बिना पासपोर्ट-वीजा के इस मार्ग पर यात्रा के लिए जा सकते हैं।

  • यह यात्रा पूरी तरह भारत की सीमा के अंदर होती है।

  • यह मार्ग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से होकर गुजरता है।

  • इस यात्रा में श्रद्धालु आदि कैलाश (छोटा कैलाश) और ओम पर्वत के दर्शन करते हैं।

ध्यान रखें यह यात्रा तिब्बत स्थित मुख्य कैलाश पर्वत नहीं बल्कि भारत में स्थित पवित्र स्थलों की यात्रा है।


आदि कैलाश क्या है?

आदि कैलाश को ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थल भगवान शिव का ही एक पवित्र स्वरूप माना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव प्रदान करता है।


ओम पर्वत का महत्व

ओम पर्वत की खासियत यह है कि इसकी चोटी पर प्राकृतिक रूप से बर्फ से ‘ॐ’ का आकार बनता है। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आस्था और आकर्षण का केंद्र है।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा - फोटो : instagram

2026 में यात्रा कब शुरू होगी?

आमतौर पर यह यात्रा मई से सितंबर के बीच आयोजित की जाती है, जब मौसम अनुकूल रहता है। 2026 के लिए आधिकारिक तिथियों की घोषणा उत्तराखंड सरकार या संबंधित पर्यटन विभाग द्वारा की जाएगी।


यात्रा के लिए पात्रता

  • भारतीय नागरिक होना आवश्यक

  • आयु सीमा आमतौर पर 18 से 70 वर्ष

  • मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट

  • वैध पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि

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कैलाश मानसरोवर - फोटो : instagram

कैलाश मानसरोवर की यात्रा का संभावित रूट

बिना वीजा पासपोर्ट के कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए उत्तराखंड मार्ग का चयन करें। इसमें दिल्ली से हल्द्वानी होते हुए पिथौरागढ़, धारचूला, गुंजी से आदि कैलाश और ओम पर्वत तक की यात्रा की जाती है। यह पूरा मार्ग उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत आता है।


यात्रा का अनुमानित खर्च

प्रति व्यक्ति पैकेज 35,000 रुपये से 60,000 रुपये तक सुविधाओं के अनुसार खर्च आ सकता है। इसमें आवास, भोजन, स्थानीय परिवहन और परमिट शामिल हो सकते हैं।

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कैलाश मानसरोवर - फोटो : instagram

मुख्य कैलाश मानसरोवर यात्रा

अगर कोई श्रद्धालु तिब्बत स्थित वास्तविक कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा करना चाहता है, तो उसे पासपोर्ट, चीनी वीजा, मेडिकल टेस्ट और विदेश मंत्रालय द्वारा चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है। यह यात्रा आमतौर पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित की जाती है।

 


यात्रा से जुड़ी जरूरी सावधानियां

  • हाई एल्टीट्यूड के कारण स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं

  • गर्म कपड़े और आवश्यक दवाइयां साथ रखें

  • मौसम अपडेट लेते रहें

  • अधिकृत एजेंसी से ही बुकिंग करें

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