Janmashtami 2026 Delhi Temples: राजधानी दिल्ली में जन्माष्टमी सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत, रोशनी, झांकियों और कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा ऐसा उत्सव है, जिसमें पूरा शहर कृष्णमय नजर आने लगता है। साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन दिल्ली के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, आरती, झांकियों और मध्यरात्रि जन्मोत्सव की तैयारियां की गई हैं।
अगर आप इस बार घर पर पूजा करने के साथ मंदिर जाकर भी कान्हा के जन्मोत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो दिल्ली में कई ऐसे मंदिर हैं जहां जन्माष्टमी का अनुभव बेहद खास हो सकता है। दक्षिण दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्काॅन दिल्ली से लेकर द्वारका के इस्काॅन मंदिर तक, भक्तों के लिए दिनभर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस्काॅन मंदिर मैनेजमेंट के अनुसार, यहां 108 कलशों से महाभिषेक, 108 महाआरती, कीर्तन और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के प्राकट्य का उत्सव प्रमुख आकर्षण होंगे।
द्वारका का इस्काॅन मंदिर भी जन्माष्टमी के लिए खास पहचान रखता है। यहां उत्सव के दौरान कीर्तन, कथा, दर्शन, महाआरती, महाभिषेक और विशेष भोग जैसे आयोजन होते हैं। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के समय विशेष उत्सव मनाया जाता है।
दिल्ली में जन्माष्टमी का उत्साह केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहता। अलग-अलग इलाकों में कृष्ण की झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन और धार्मिक आयोजन भी होते हैं। इस साल कुछ आयोजनों में पारंपरिक भक्ति के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी देखने को मिल सकता है। हालांकि दिल्ली के कृष्ण मंदिरों की ओर जाने से पहले यातायात और स्थानीय आयोजन संबंधी अपडेट देखना समझदारी होगी।