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Janmashtami 2025: कन्हैया की नगरी में ये 7 जगहें हैं घूमने लायक, जन्माष्टमी पर बनाएं दो दिन का ट्रिप प्लान

Fri, 15 Aug 2025 06:22 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर कृष्ण नगरी जाना है तो उन सात जगहों के बारे में जान लें, जहां जाए बिना आपकी मथुरा-वृंदावन की यात्रा अधूरी होती है।
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जन्माष्टमी - फोटो : Instagram/divine_flutee
Janmashtami 2025: भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम पूरे देश में रहती है। इस साल भी भक्त कृष्ण जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और तैयारियों में जुट गए हैं। मंदिरों के साथ ही, जिनके घर में लड्डू गोपाल होते हैं, वह कृष्ण जन्माष्टमी मनाते हैं और रात्रि 12 बजे कान्हा का जन्म कराते हैं। हालांकि जो घर पर कृष्ण जन्माष्टमी नहीं कर सकते, वह इस मौके पर कन्हैया की नगरी जरूर जाएं। वहां नंदगोपाल के जन्मोत्सव का भव्य उत्सव मनाया जाता है। मथुरा में कन्हैया का जन्म हुआ था, तो वहीं वृंदावन और गोकुल में कान्हा का बचपन बीता। बरसाना में राधा की नगरी है जो कन्हैया की प्रिय हैं। ऐसे में इन सभी जगहों पर बहुत धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाता है। 

इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 को मनाई जा रही है। अगर आप इस जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन-मथुरा जाने का सोच रहे हैं तो सिर्फ दर्शन ही नहीं, बल्कि एक सुंदर आध्यात्मिक ट्रिप का अनुभव भी पा सकते हैं। यहां ऐसे कई धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल हैं, जहां दो दिन में घूमकर आप मन, आत्मा और कैमरा तीनों को संतुष्ट कर सकते हैं।

हालांकि जन्माष्टमी में भक्तों की भीड़ को देखते हुए पहले से होटल बुक कर लें। हो सके तो सहज और पारंपरिक कपड़े साथ ले जाएं और भीड़भाड़ के बीच घूमने के लिए पहले से तैयार रहें। साथ ही उन सात जगहों के बारे में जान लें, जहां जाए बिना आपकी मथुरा-वृंदावन की यात्रा अधूरी होती है।
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कृष्ण जन्मभूमि मंदिर, मथुरा - फोटो : Adobe
2 दिन में घूमें कन्हैया की ये 7 जगहें

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा में है। यह राजा कंश का कारागार था, जहां देवकी माता ने कान्हा को जन्म दिया। अब इसे एक भव्य मंदिर का रूप दे दिया गया है। यहां जन्माष्टमी के दौरान भव्य झांकियां, भजन-कीर्तन और रात्रि आरती आपको अलौकिक अनुभव देंगे। 


द्वारकाधीश मंदिर

मथुरा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर द्वारकाधीश मंदिर है। यहां श्रीकृष्ण को राजसी स्वरूप में पूजा जाता है। यहां की आरती और झूला उत्सव बेहद प्रसिद्ध हैं। इस मंदिर का निर्माण ग्वालियर रियासत के खजांची सेठ गोकुलदास पारिख ने 1814 को कराया था और ग्वालियर के महाराजा श्रीमंत दौलतराव सिंधिया ने मंदिर के लिए स्वीकृति और दान दिया था।
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बांके बिहारी मंदिर - फोटो : instagram
विश्राम घाट

मथुरा में यमुना तट पर स्थित यह घाट वह स्थान है जहां श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद विश्राम किया था। यहां आरती में भाग लेना एक दिव्य अनुभव होता है। विश्राम घाट से ही मथुरा की पवित्र परिक्रमा शुरू और समाप्त होती है।


बांके बिहारी मंदिर 

कृष्ण प्रेमियों के लिए सबसे प्रिय स्थान बांके बिहारी का मंदिर है जो कि वृंदावन में स्थित है। जन्माष्टमी के दिन यहां भारी भीड़ होती है, लेकिन दर्शन का आनंद अविस्मरणीय होता है। पौराणिक  कथा अनुसार, स्वामी हरिदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें दर्शन दिए और बांके बिहारी की मूर्ति प्रदान की। स्वामी हरिदास जो कि वृंदावन के निधिवन में भजन कीर्तन करते थे, ने बांके बिहारी की मूर्ति निधि वन में स्थापित की जिसे 1864 में स्थानांतरित करते हुए मंदिर का निर्माण कराया गया।

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निधिवन - फोटो : Instagram
सेवा कुंज

वृंदावन में स्थित सेवा कुंज को निकुंज वन भी कहा जाता है। इस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण राधा रानी व गोपियों के साथ रासलीला करते थे। इस स्थल की दिव्यता और रहस्य इसे खास बनाते हैं। 

निधिवन

वृंदावन का यह स्थल रात में बंद हो जाता है क्योंकि मान्यता है कि रात्रि में राधा-कृष्ण यहां रास करते हैं। जन्माष्टमी से पहले यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
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इस्काॅन वृंदावन - फोटो : instagram
इस्कॉन मंदिर वृंदावन

इस्काॅन मंदिर में आधुनिकता और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यहां की भजन संध्या और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन देखने लायक होता है। यह मंदिर जितना भव्य है, उससे कई ज्यादा भव्यता कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर यहां देखने को मिलती है। 


कैसे पहुंचें ?

कई शहरों से मथुरा के लिए बस या रेल सेवा उपलब्ध है। आप दिल्ली से 200 रुपये खर्च करके बस से मथुरा पहुंच सकते हैं। ट्रेन का किराया भी 400 से 2000 रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा खुद ड्राइव करके वहां पहुंचा जा सकता है। मथुरा पहुंचकर आप आसपास के सभी मंदिरों के दर्शन के लिए ऑटो रिक्शा या टैक्सी बुक कर सकते हैं तो 1000  रुपये में आसानी से आपको कई तीर्थ स्थलों के दर्शन एक दिन में करा देते हैं।
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