'राइस बाउल ऑफ कश्मीर' कहा जाने वाला पुलवामा, जम्मू और कश्मीर का सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिला है। पहले इसे 'पनवंगम' या 'पुलगाम' के नाम से जाना जाता था। 16 वीं शताब्दी में पुलवामा पर मुगलों ने शासन किया था और 19 वीं शताब्दी में अफगानों ने यहां राज किया। पुलवामा में बसे पहाड़ों और प्राचीन झरनों के बीच स्थानीय लोगों के घर अनोखी खूबसूरती का प्रमाण हैं। आज हम आपको पुलवामा में घूमने की सबसे आकर्षक जगहों के विषय में बताएंगे।
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अहरबल फॉल्स
पुलवामा खूबसूरत लहरदार झरनों का घर है। अहर्बल फॉल्स बेहद ही खूबसूरत जगह है। पीर पंजाल पर्वत श्रृंखलाओं में घने देवदार के पेड़ों से घिरी घाटी में 25 मीटर की ऊंचाई नीचे की ओर गिरता झरना, आंखों को सुकून देने वाले किसी लुभावने दृश्य जैसा लगता है।
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अवंतीश्वर मंदिर
पुलवामा जिले का अवंतीश्वर मंदिर, सबसे ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों में से एक है। ये मंदिर भगवान विष्णु और भगवान शिव का है और 9 वीं शताब्दी में राजा अवंति वर्मा द्वारा बनाया गया था। झेलम नदी के तट पर स्थित अवंतीश्वर मंदिर पुरातत्व सर्वेक्षण के रखरखाव के अंतर्गत संरक्षित है। प्राचीन मिथकों, लोककथाओं और देवताओं नक्काशी से सजी दीवारों वाले मंदिर में एक अलग ही अनुभव होता है।
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शिकारगाह
कभी रईसों का पसंदीदा शिकार का मैदान रहा और जम्मू और कश्मीर राज्य के अंतिम शासक द्वारा शिकारगढ़ क्षेत्र का विस्तार वन्यजीवों और वनस्पतियों की बहुतायत से भरा हुआ है। यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और समुद्र तल से 2130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वस्तूरवान और खेरवों पहाड़ों के शिखर पर स्थित, शिकारगढ़ स्थानीय लोगों के लिए एक स्थानीय पिकनिक स्थल है।
जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती की बात ही निराली है। पुलवामा जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत जगहों में से एक है। यहां की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मुगल रोड काफी मशहूर है। मुगल रोड पर अहरबाल झरना, शिकारगाह, अरीपाल नाग, हुरपुरा और तरसार व मरसार झील है, जिनकी खूबसूरती देखते ही बनती है।