नीलीद्रि बिजया 15 जुलाई
इस दिन भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन और पत्नी के विग्रह को वापस मंदिर के अंदर विराजमान किया जाएगा। इससे पहले जो भी रस्म निभाए जाते हैं वह जगन्नाथ मंदिर के गर्भ ग्रह से बाहर ही निभाएं जाएंगे। ये सभी पांच खास कार्यक्रम हैं, जो रथ यात्रा के दौरान पुरी में आयोजित किए जाते हैं। अगर आप पुरी आने की सोच रहे हैं तो कम से कम 15 दिन का कार्यक्रम बनाकर आएं और पुरी के आस-पास के दर्शनीय स्थलों का सैर करें।