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विदेश यात्रा के लिए ट्रेवल इंश्योरेंस लेना चाहिए या नहीं, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Wed, 15 May 2019 09:07 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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आप चाहे कारोबार के सिलसिले में या छुट्टी मनाने के लिए विदेश जा रहे हों, यात्रा को सुरक्षित और आनंददायी बनाने के लिए बहुत सारी तैयारी करनी पड़ती है। ट्रैवल इंश्योरेन्स इस प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा है। यह न केवल आपको अप्रत्याशित चिकित्सा व्यय से सुरक्षित रखता है बल्कि यात्रा से जुड़ी आपातकालीन परिस्थितियों के लिए भी सुरक्षा प्रदान करता है। 

आइए जानते हैं रेलीगेयर हेल्थ इंश्योरेन्स के एमडी एवं सीईओ अनुज गुलाटी से कि विदेश यात्रा के लिए ट्रेवन इंश्योरेन्स लेना क्यों जरूरी है।
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अप्रत्याक्षित चिकित्सा व्यय से सुरक्षित रखता है
आपने चाहे कितनी भी अच्छी तैयारी की हो, यात्रा के दौरान कई ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें लेकर आप विदेश में अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। मेडिकल एमरजेन्सी ऐसा ही एक उदाहरण है जो आपकी छुट्टी के मज़े को खराब कर बुरे सपने में बदल सकता है। यहां ट्रैवल इंश्योरेन्स आपको सुरक्षा प्रदान करता है। यह सेवा कैशलैस बेसिस पर मेडिकल एमरजेन्सी के लिए कवरेज देती है।

इसके अलावा विदेशों में इलाज की लागत आमतौर पर भारत की तुलना में 3 से 5 गुना अधिक होती है, ऐसे में अगर आपको छोटी सी बीमारी के इलाज के लिए भी डॉक्टर के पास जाना पड़े, तो यह बहुत महंगा पड़ सकता है। ऐसे में एक व्यापक ट्रैवल इंश्योरेन्स न केवल छोटे-मोटे आउट-पेशेन्ट खर्चों को कवर करता है बल्कि पहले से मौजूद बीमारी के चलते जीवन के लिए घातक परिस्थितियों में भी कवरेज देता है। इसके अलावा ऐसे प्लान्स भी हैं जो मेडिकल इवेक्यूएशन और एयर एम्बुलेन्स जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराते हैं और यहां तक कि अपने देश पहुंचने के बाद तक के इलाज को कवर करते हैं।
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अपरिचित देश में दोस्त की भूमिका
एक ट्रैवल इंश्योरेन्स जो विदेश में क्लेम के लिए 24/7कस्टमर सपोर्ट दे, वह अनजान देश में एक अच्छे दोस्त की भूमिका निभाता है, जहां आपको भाषा से लेकर अनजान भोगौलिक इलाकों तक कई तरह की समस्याओं को जूझना पड़ता है। इस तरह के ट्रैवल इंश्योरेन्स के तहत एक समर्पित टीम यात्रा से सम्बन्धित किसी भी एमरजेन्सी या मेडिकल एमरजेन्सी में आपकी मदद करती है। 

मेडिकल इक्यूएशन (इलाज के लिए अपने देश लौटना) हो या नज़दीकी अस्पताल में भर्ती या खोए हुए यात्रा दस्तावेजों को दोबारा जारी करवाना, इन सब मामलों में ट्रैवल इंश्योरेन्स आपकी मदद करता है। इंश्योरेन्स लेने के बाद ये सभी प्रक्रियाएं बेहद आसान हो जाती हैं क्योंकि कस्टमर केयर सीधे चिकित्सा प्रदाताओें/ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करता है।

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पर्सनल लायबिलिटी के लिए कवरेज
कभी कभी एमरजेन्सी में व्यक्तिगत या प्रॉपर्टी  को थर्ड पार्टी नुकसान होता है, ऐसे मामलों में ट्रैवल इंश्योरेन्स खर्च उठाता है। इसके लिए कुछ ट्रैवल इंश्योरेन्स प्लान ‘पर्सनल लायबिलिटी’का विकल्प पेश करते हैं जिसमें बीमा कंपनी थर्ड पार्टी नुकसान की भरपाई करती है।
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summer vacation - फोटो : shutterstock
यात्रा से जुड़ी एमर्जेन्सी
कभी कभी विदेश यात्रा के दौरान मेडिकल के अलावा कोई अन्य एमरजेन्सी भी हो सकती है जैसे पासपोर्ट, लैपटॉप, इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस, चैक्ड-इन बैगेज खोना या खराब मौसम की वजह से उड़ान में देरी होना, मौसम की खराबी के चलते कनेक्टेड उड़ान या होटल रिज़र्वेशन का इस्तेमाल न कर पाना। ट्रैवल इंश्योरेन्स प्लान इस तरह की आपातकालीन स्थितियों में भी आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं। इसलिए अच्छा होगा कि ऐसी किसी भी अप्रत्याशित एमरजेन्सी से अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए आप ट्रैवल  इंश्योरेन्स लेकर ही विदेश यात्रा करें।
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summer vacation - फोटो : shutterstock
जरूरी आवश्यकता
कुछ देशों ने अपने देश में आने वाले आगंतुकों के लिए ट्रैवल  इंश्योरेन्स अनिवार्य किया है;  आपको ट्रैवल  इंश्योरेन्स के बिना इन देशों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। कई बार ट्रैवल इंश्योरेन्स न होने के कारण वीज़ा का आवेदन भी रद्द कर दिया जाता है, इसलिए विदेश यात्रा से पहले यह जांच लें कि आप जिस देश में जाने की योजना बना रहे हैं, वहां आगंतुकों के लिए ट्रैवल  इंश्योरेन्स अनिवार्य है या नहीं।
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