आज राम नवमी है। आज ही के दिन अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था। उनके जन्मोत्सव को मनाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान होते हैं और घर घर में दीप जलाए जाते हैं। अयोध्या के राम मंदिर में सूर्य तिलक होता है और रामलला का जन्म कराया जाता है। लेकिन इस दिन आप दक्षिण के उस पवित्र तट तक भी जा सकते हैं, जहाँ प्रभु राम ने स्वयं शिव की पूजा की थी।
चार धामों में से एक रामेश्वरम वह भूमि है जहाँ आस्था समुद्र से मिलती है। उत्तर भारत से हजारों किलोमीटर दूर तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में यह पवित्र धाम स्थित है।
बेंगलुरु से यह यात्रा आज के समय में पहले से कहीं आसान हो चुकी है। आप रेल, बस और सड़क तीनों मार्ग से रामेश्वरम पहुंच सकते हैं। राम नवमी पर यहाँ दर्शन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दर्शन और अभिषेक से जीवन के दोष मिटते हैं।
अगर आप भी इस राम नवमी या आने वाले दिनों में रामेश्वरम जाने की सोच रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। यहां जानिए कैसे जाएं रामेश्वरम, रूट, खर्च, समय, ठहरने की व्यवस्था सबकुछ।