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Teej Mela 2026: हरियाली तीज पर कहां लगता है सबसे बड़ा मेला? जयपुर से लेकर इन जगहों तक जानें पूरी लिस्ट

Mon, 10 Aug 2026 12:32 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर सबसे भव्य आयोजन कहां होता है?
हरियाली तीज पर जयपुर का तीज महोत्सव और तीज माता की शाही सवारी सबसे प्रसिद्ध आयोजनों में शामिल है। सिटी पैलेस से निकलने वाली इस शाही सवारी में पारंपरिक झांकियां, लोक कलाकार, हाथी, ऊंट, घोड़े, संगीत और राजस्थानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहती हैं। 
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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai

Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जा रही है। सावन और हरियाली तीज हाथों में मेहंदी, हरी चूड़ियों, झूले, लोकगीत और भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा का पर्व है। तीज पर खासतौर पर उत्तर और पश्चिम भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। कई जगह महिलाएं मंदिरों में पहुंचकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं, जबकि कुछ शहरों में तीज के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेले और शोभायात्राएं आयोजित की जाती हैं। तीज के मौके पर कई मंदिरों में मेले का आयोजन होता है।

अगर आप हरियाली तीज के मेले में शामिल होना चाहते हैं तो सबसे पहले ये जान लें कि भारत में कहां-कहां मेला लगता है। तीज पर्व और मेले का नाम आते ही सबसे पहले राजस्थान के जयपुर का नाम याद आता है। यहां तीज माता की शाही सवारी ऐतिहासिक शहर के बीच से निकलती है, जिसमें सजे हुए हाथी-ऊंट, घोड़े, लोक कलाकार, संगीत और पारंपरिक राजस्थानी रंग देखने को मिलते हैं।

राजस्थान पर्यटन के अनुसार तीज माता की शाही सवारी सिटी पैलेस से निकलकर त्रिपोलिया बाजार और छोटी चौपड़ की ओर जाती है। वहीं, बूंदी में मशहूर कजली तीज मेले का आयोजन होता है। बूंदी में कजली तीज के दौरान लंबे समय तक चलने वाला बड़ा मेला लगता है। अगर आप इस सावन में तीज के मौके पर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए कब और कहां मेले लगेंगे।

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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai

जयपुर

हरियाली तीज का सबसे भव्य और चर्चित आयोजन जयपुर में होता है। जयपुर में तीज माता की शाही सवारी ऐतिहासिक सिटी पैलेस क्षेत्र से निकलती है। राजस्थान पर्यटन के मुताबिक इस आयोजन में सजे हुए ऊंट, लोक कलाकार, शाही पालकियां, रथ और बैलगाड़ियां शामिल होती हैं। सवारी त्रिपोलिया बाजार और छोटी चौपड़ जैसे पुराने शहर के प्रमुख हिस्सों से गुजरती है। 


यहां क्या देखने को मिलता है?

  • तीज माता की शाही सवारी

  • पारंपरिक राजस्थानी लोक नृत्य

  • सजे हुए हाथी और ऊंट

  • लोक कलाकार और संगीत

  • पारंपरिक परिधान

  • झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

  • मेले जैसा उत्सवी माहौल

हालांकि इसे सीधे मंदिर का मेला कहना सही नहीं होगा। यह मुख्य रूप से तीज महोत्सव और तीज माता की शाही सवारी है, जो सिटी पैलेस और जयपुर के पुराने शहर से जुड़ी है।

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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai
दिल्ली-एनसीआर
  • दिल्ली एनसीआर में भी जगह-जगह पर तीज मेले का आयोजन होता है।
  • यहां महिलाओं के लिए विशेष रूप से कई सांस्कृतिक और शॉपिंग मेले आयोजित किए जाते हैं।
  • आईएनए और पीतमपुरा में हर साल तीज महोत्सव का आयोजन होता है।
  • यहां पारंपरिक राजस्थानी शिल्प, लजीज व्यंजन जैसे घेवर, झूले और मेहंदी के स्टाॅल लगाए जाते हैं।
  • गुरुग्राम के सोहना में भी तीज मेला आयोजित होता है।
  • हरियाणा के इस क्षेत्र में भी सावन के महीने में पारंपरिक तीज मेला लगता है जहां स्थानीय लोक नृत्य और संगीत की धूम रहती है।

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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai

बूंदी

यहां राजस्थान का मशहूर कजली तीज मेला लगता है। हालांकि कजली तीज, हरियाली तीज से अलग है। इसलिए इसे हरियाली तीज के दिन लगने वाला मेला बताना सही नहीं होगा। बूंदी जिला प्रशासन के अनुसार कजली तीज का आयोजन यहां एक सप्ताह से भी अधिक समय तक चलने वाले उत्सव के रूप में प्रसिद्ध है। यह आयोजन हाड़ौती क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इसमें देवी उमा की पूजा से जुड़ी मान्यताएं भी हैं। 
 

कजली तीज मेले में क्या खास है?

  • पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • लोक संगीत

  • स्थानीय हस्तशिल्प

  • मनोरंजन और बाजार

  • तीज माता से जुड़ी धार्मिक परंपराएं

  • राजस्थान की लोक संस्कृति

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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai

उत्तर प्रदेश में तीज मेला

यूपी में मंदिरों में सावन के महीने में भव्य मेले का आयोजन होता है। हरियाली तीज पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में महिलाएं शिव और पार्वती की पूजा करने मंदिरों में पहुंचती हैं। प्रयागराज में भी तीज के अवसर पर महिलाओं द्वारा शिव-पार्वती की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। कानपुर के परमट मंदिर में मेला सज चुका है तो वहीं बनारस, प्रयागराज, पितांबरा माता मंदिर, विंध्याचल मंदिर और मैहर माता मंदिर के आसपास भी मेले लगता हैं। हालांकि ये मेले लगभग पूरे सावन महीने सजे रहते हैं।

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सावन और तीज का मेला कहां लगता है? - फोटो : Ai

बिहार और दूसरे राज्यों में तीज मेले

  • हरियाली तीज का उत्सव राजस्थान तक सीमित नहीं है।
  • बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों में तीज से जुड़े आयोजनों में मेले, बाजार, मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलते हैं। 
  • इसी तरह उत्तर भारत के कई हिस्सों में महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा, गीत-संगीत और झूला उत्सव में शामिल होती हैं।
  • तीज का स्वरूप जगह-जगह थोड़ा अलग हो सकता है, कहीं मंदिर पूजा प्रमुख होती है, कहीं झूला और महिला उत्सव, तो कहीं विशाल सांस्कृतिक मेला या शोभायात्रा।
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