गुजरात की पहचान ज्यादातर वहां के व्यापार और संस्कृति के कारण ही है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस प्रदेश का महत्व केवल व्यापारिक ही नहीं बल्कि यहां के समृद्ध इतिहास के कारण भी है। गुजरात टूरिज्म की लाइन "कुछ दिन तो ठहरिए गुजरात में" बिल्कुल सही है। अगर आप गुजरात घूमने जाएगें तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। यहां पर केवल कच्छ के रण या नेशनल पार्क ही नहीं है बल्कि यहां पर बहुत से अद्भुत किलें भी है जिन्हें आप देख सकते हैं। तो आइए जानते हैं यहां पर कौन से किले हैं जिन्हें आप देख सकते हैं।
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अहमदाबाद का भद्र किला
गुजरात के अहमदाबाद में बना है ये भद्र किला। इस किले का निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ था। भद्र किले का नाम मां दुर्गा के अवतार भद्र काली के नाम पर किया गया है।
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भुजिया किला
गुजरात के कच्छ के मैदानी क्षेत्र में ही एक किला बना है जिसका नाम है भुजिया किला। यह किला भुज क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। पहाड़ी के ऊपर बने इस किले के अब मात्र खंडहर ही शेष बचे हैं। इस किले के अंदर भुजंग नाग का मंदिर बना है। जिसमें दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते हैं।
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चंपानेर का किला
गुजरात के ज्यादातर किले खंडहर के रुप में ही बचे हैं। ऐसा ही एक किला है चंपानेर का किला। यह किला भी अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस किले का निर्माण चावड़ा राजवंश ने करवाया था। इस किले का बचा हुआ हिस्सा भी राजवंश की भव्यता का बखान करता है
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सोनगढ़ का किला
चार सौ साल पुराने इस किले को देखने के लिए जरूर जाना चाहिए। गुजरात के बहुत से किले देखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं। जिसमें यह भी शामिल है। इस किले में महाकाली, अंबाजी का मंदिर और रानी की वाव, शीतल जलकुंड बने हैं।
कहते हैं प्राचीन काल में मांडवी शहर के चारों तरफ किले की दीवारें होती थी, ये दीवारें आठ मीटर तक ऊंची थी। इस किले का व्यापारिक महत्व भी था। ये किला बहुत ही मजबूत होने के साथ ही खूबसूरत भी था।