फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शारदीय नवरात्रि 2026: नवरात्रि में गुजरात के 6 प्रसिद्ध देवी मंदिरों के करें दर्शन, जानिए खासिय

Fri, 09 Oct 2026 11:39 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gujarat Devi Mata temples Navratri : नवरात्रि के दौरान गुजरात के अंबाजी, पावागढ़, बहुचर माता, चोटिला, खोडियार माता और आशापुरा माता मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। हर मंदिर की अपनी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान है। अगर आप इस नवरात्रि मां दुर्गा के दर्शन के साथ गुजरात की आध्यात्मिक विरासत को करीब से देखना चाहते हैं, तो इन प्रसिद्ध मंदिरों को अपनी यात्रा सूची में शामिल कर सकते हैं।
विज्ञापन
1 of 7
गुजरात के प्रसिद्ध देवी माता मंदिर - फोटो : AI
Gujarat Famous Devi Temples: नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और शक्ति का प्रतीक है। भारत के अलग-अलग राज्यों में यह पर्व अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है, लेकिन गुजरात में नवरात्रि का उत्साह देखते ही बनता है। यहां गरबा और डांडिया की धूम के साथ देवी माता के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

गुजरात में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां सालभर भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अंबाजी से लेकर पावागढ़ तक, इन मंदिरों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद खास है। अगर आप इस नवरात्रि गुजरात की धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन 6 प्रसिद्ध देवी मंदिरों के बारे में जरूर जानें।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
अंबाजी माता, गुजरात - फोटो : instagram
अंबाजी माता मंदिर, बनासकांठा

गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित अंबाजी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां मां अंबा की पूजा विशेष श्रद्धा के साथ की जाती है। मंदिर की एक खास बात यह है कि यहां पारंपरिक मूर्ति के बजाय पवित्र श्री वीसो यंत्र की पूजा होती है। नवरात्रि और पूर्णिमा के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अंबाजी गुजरात के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है।
विज्ञापन

3 of 7
कालिका माता मंदिर, गुजरात - फोटो : Instagram
कालिका माता मंदिर, पावागढ़

पंचमहल जिले में पावागढ़ पहाड़ी पर स्थित कालिका माता मंदिर गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव बन जाती है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। पावागढ़ और चंपानेर का ऐतिहासिक क्षेत्र यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है।

4 of 7
बहुचर माता मंदिर, गुजरात - फोटो : instagram
बहुचर माता मंदिर, बेचराजी

मेहसाणा जिले के बेचराजी में स्थित बहुचर माता मंदिर गुजरात के प्रमुख देवी मंदिरों में गिना जाता है। मां बहुचर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। नवरात्रि के दौरान यहां पूजा-अर्चना और दर्शन का विशेष महत्व रहता है। गुजरात की धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने के लिए यह मंदिर एक महत्वपूर्ण पड़ाव हो सकता है।
विज्ञापन

5 of 7
चामुंडा माता मंदिर, चोटिला - फोटो : instagram
चामुंडा माता मंदिर, चोटिला

सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला में पहाड़ी पर स्थित चामुंडा माता मंदिर भक्तों के बीच काफी प्रसिद्ध है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सीढ़ियों से पहाड़ी पर चढ़ते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां विशेष भक्ति का माहौल रहता है। मां चामुंडा के दर्शन के लिए गुजरात सहित दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
विज्ञापन

6 of 7
खोडियार माता मंदिर, राजपरा - फोटो : instagram
खोडियार माता मंदिर, राजपरा

भावनगर जिले के राजपरा में स्थित खोडियार माता मंदिर गुजरात के प्रमुख आस्था स्थलों में से एक है। मां खोडियार के भक्त यहां सालभर दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। यह मंदिर गुजरात की लोक आस्था और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
आशापुरा मंदिर गुजरात - फोटो : Instagram
आशापुरा माता मंदिर, माता नो मढ़

कच्छ जिले के माता नो मढ़ में स्थित आशापुरा माता मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध देवी तीर्थों में शामिल है। मां आशापुरा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। धार्मिक अवसरों और नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। कच्छ की यात्रा के दौरान इस मंदिर के दर्शन गुजरात की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर देते हैं।


नवरात्रि में गुजरात के मंदिरों की यात्रा क्यों है खास?

गुजरात में नवरात्रि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यहां मंदिरों में दर्शन, पारंपरिक रीति-रिवाज, गरबा और डांडिया मिलकर इस त्योहार को खास बनाते हैं। अगर आप धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं, तो अपनी यात्रा से पहले मंदिरों के दर्शन का समय, परिवहन और स्थानीय व्यवस्था की जानकारी जरूर लें। त्योहार के दौरान भीड़ अधिक हो सकती है, इसलिए यात्रा की योजना पहले बनाना उपयोगी रहेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें