foreign education
बताया जा रहा है कि इस प्रावधान के अनुसार, अगर कोई विदेशों में यात्रा करता है, शिक्षा के लिए विदेश जाता है, वहां किसी अन्य तरह का कोई खर्च करता है, किसी को गिफ्ट भेजता है या विदेश में कोई अन्य निवेश करता है तो इस तरह का ट्रांजेक्शन आरबीआई के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत रेगुलेट होगा। इसके तहत उच्चतम सीमा एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर तय की गई है। 70 रुपए के एक्सचेंज रेट के हिसाब से यह रकम करीब 1.75 करोड़ रुपए होती है।