Famous Shiv Ji Temples in Maharashtra: महाराष्ट्र के प्राचीन और अद्भुत शिवालयों व ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की काफी महिमा है। वहीं सावन में विशेष तौर पर यहां दर्शन कर पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। इस लेख में महाराष्ट्र के कुछ प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में बता रहे हैं जहां सावन के सोमवार को दर्शन करना न केवल पुण्यदायी है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव से भरपूर भी होता है।
Famous Shiv Ji Temples in Maharashtra: सावन इस वर्ष 11 जुलाई 2025 से आरंभ हो रहा है। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान भक्त विशेष रूप से सोमवार को व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। महाराष्ट्र में कई प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं जो अपनी धार्मिक महत्ता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां 12 ज्योतिर्लिंगों में से सबसे अधिक ज्योतिर्लिंग भी स्थापित हैं, जिसमें त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का नाम शामिल है। महाराष्ट्र के प्राचीन और अद्भुत शिवालयों व ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की काफी महिमा है। वहीं सावन में विशेष तौर पर यहां दर्शन कर पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। इस लेख में महाराष्ट्र के कुछ प्रमुख शिव मंदिरों के बारे में बता रहे हैं जहां सावन के सोमवार को दर्शन करना न केवल पुण्यदायी है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव से भरपूर भी होता है।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। गोदावरी नदी के किनारे स्थित यह मंदिर भगवान शिव के त्र्यम्बक रूप को समर्पित है। यहां सावन में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
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भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, पुणे
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से लगभग 225 किमी दूर भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग स्थित है जो कि महाराष्ट्र के पुणे जिले के पास है। यह ज्योतिर्लिंग सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित है। घने जंगलों और हरियाली से घिरा यह मंदिर सावन में विशेष पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है।
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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, औरंगाबाद
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग है जो कि 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है और एलोरा की गुफाओं के पास स्थित है। यह मंदिर सावन में विशेष शिवभक्तों की भीड़ से भर जाता है।
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औढ़ा ज्योतिर्लिंग
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औंढा नागनाथ ज्योतिर्लिंग
सतयुग से जुड़े औंढा नागनाथ ज्योतिर्लिंग का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है। मंदिर की वास्तुकला बेहद प्राचीन और अद्भुत है। मान्यता है कि यहीं पर पांडवों ने शिवजी की आराधना की थी। यह ज्योतिर्लिंग हिंगोली जिले में स्थित है और नांदेड़ से लगभग 50 किमी दूर है।
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परली वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
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परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग
परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग बीड जिले में स्थित है और नजदीकी रेलवे स्टेशन परली वैजनाथ है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने अमृत कलश स्थापित किया था, जिससे यह स्थल अमरत्व का प्रतीक बन गया। इस मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति नहीं है, लेकिन भक्त बाहर से जल अर्पित कर सकते हैं।
यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हरिश्चंद्रगढ़ किले में स्थित है और सावन के सोमवार को यहां लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। यह एक रहस्यमय मंदिर है जो केवल एक स्तंभ पर टिका हुआ है। मंदिर चार युगों का प्रतिनिधित्व करने वाले चार स्तंभों में से एक पर खड़ा है और मान्यता है कि अगर यह आखिरी स्तंभ भी गिर गया तो कलयुग का अंत हो जाएगा।