दशहरा का पावन पर्व 25 अक्तूबर, रविवार को मनाया जाएगा। पूरे भारत में इस त्योहार को बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। उत्तर भारत, मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक में अलग-अलग नामों के साथ दशहरा मनाया जाता है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे देश के उन स्थानों के बारे में जहां दशहरा का उत्सव काफी धूम- धाम और अलग तरह से मनाया जाता है। दशहरा के पावन दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। इस पावन त्योहार को असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। अगली स्लाइड्स में जानिए देश के उन स्थानों के बारे में जहां पर दशहरा का पर्व काफी धूम- धाम से मनाया जाता है...
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Dussehra 2020
- फोटो : अमर उजाला
बस्तर, छत्तीसगढ़
दशहरे का त्योहार बस्तर जिले में बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस आदिवासी क्षेत्र में ये त्योहार पूरे 75 दिन तक मनाया जाता है। दशहरे का मतलब यहां पर परंपरा, प्रकृति और मां दांतेश्वरी देवी की पूजा से है। आदिवासी लोगों का मानना है कि 13वीं शताब्दी में बस्तर के राजा ने पुरुषोत्तम देव ने इस त्योहार की परंपरा शुरू की थी। इस त्योहार में लकड़ी की पूजा, कलश स्थापना, पत्थर की स्थापना और बहुत से परंपरागत तरीकों से दशहरे का उत्सव मनाया जाता है।
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Dussehra 2020
- फोटो : पीटीआई
चेन्नई में बोमाई कोलू
चेन्नई की सड़कों पर दशहरे के आते ही लकड़ी की बनी मूर्ति या गुड़िया दिखने लगती हैं। रंग-बिरंगे कपड़ों से सजी इन गुड़िया के माध्यम से मां दुर्गा और महिषासुर के युद्ध को दर्शाया जाता है।
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Dussehra 2020
- फोटो : social media
कोटा, राजस्थान
दशहरे के समय कोटा में बहुत ही भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, कास्ट्यूम नाटक, तरह-तरह की आतिशबाजियां होती हैं। इस मेले की शुरुआत महाराजा दुर्जशाल ने करीब 1723 में की थी। यह मेला करीब 25 दिन तक चलता है। इस बार कोरोना वायरस का असर दशहरा पर भी देखने को मिलेगा। इस साल दशहरा पर्व के दौरान होने वाले कार्यक्रमों में कमी रहेगी।
तमिलनाडु में कुलसेकपट्टिनम में दस दिन तक दशहरे का त्योहार मनाया जाता है जिसे कुलासाई फेस्टिवल भी कहते हैं। मुतरम्मन मंदिर में मनाया जाने वाला यह त्योहार बहुत ही प्रसिद्ध है। इस त्योहार में दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और बहुत से लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।