पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, संगीत, खानपान और यात्रा का अनोखा अनुभव है। आपकी भेजी गई तस्वीरों में एक ओर पारंपरिक ढाक बजाते कलाकारों का विशाल समूह दिखाई देता है, तो दूसरी ओर रंग-बिरंगी रोशनी से सजा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल नजर आता है। इन्हीं दृश्यों को आधार बनाकर यह हिंदी फोटो गैलरी तैयार की गई है।
पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा का नाम आते ही मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं, ढाक की गूंज, आकर्षक पंडाल और रोशनी से सजी सड़कें आंखों के सामने आ जाती हैं। यहां दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ-साथ बंगाल की कला, संस्कृति और सामुदायिक उत्सव का भी प्रतीक है। सामने आई इन तस्वीरों में उत्सव के दो खूबसूरत रंग नजर आते हैं, पारंपरिक ढाक वादन और रोशनी से जगमगाता भव्य पंडाल।