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Dhanteras 2024: ये हैं देश के प्राचीन कुबेर मंदिर, धनतेरस और दिवाली पर दर्शन करने से खुल सकते हैं भाग्य

Tue, 29 Oct 2024 08:27 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में कुबेर मंदिर कहां-कहां हैं? लोगों अक्सर ये जानने को उत्सुक रहते हैं। अगर आप भी इस दिवाली-धनतेरस पर कुबेर मंदिर जाना चाहते हैं तो चलिए आपको देश के कुछ प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित कुबेर मंदिरों के बारे में बताते हैं। 
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कुबेर मंदिर - फोटो : Instagram
Dhanteras 2024 Famous Kuber Temple in India: 29 अक्तूबर से दीपोत्सव की शुरुआत हो रही है। पहले दिन धनतेरस का पर्व है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा होती है। कुबेर जी को धन और ऐश्वर्य का स्वामी माना जाता है। कुबेर भगवान को समृद्धि और संपत्ति के संरक्षक भी हैं। मान्यता है कि कुबेर जी की पूजा इस दिन करने से आर्थिक उन्नति और सुख समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

कुबेर जी के पूजन के लिए घर पर धन कुबेर की मूर्ति स्थापित की जाती है। इसके अलावा देश में कई देवी देवताओं के मंदिर हैं, उन्हीं में कुबेर जी भी शामिल हैं। कुबेर जी के प्राचीन मंदिरों में धनतेरस और दिवाली पर काफी भीड़ उमड़ती है। अगर आप भी धनतेरस या दिवाली पर कुबेर जी के दर्शन और पूजा करना चाहते हैं तो उनके कुछ प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में जा सकते हैं। यहां कुबेर जी के मंदिरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। 
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कुबेेर मंदिर - फोटो : instagram
उत्तराखंड का कुबेर मंदिर

देव भूमि उत्तराखंड में एक प्राचीन कुबेर मंदिर है। यह मंदिर अल्मोड़ा जिले से करीब 40 किमी दूर स्थित है। यहां हर साल दिवाली और धनतेरस के मौके पर भक्तों की भीड़ पहुंचती है। मंदिर एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए आपको नैनीताल या अल्मोड़ा से स्थानीय बस मिल सकती है। इसके अलावा टैक्सी या निजी वाहन से भी यहां पहुंचा जा सकता है। मंदिर के सबसे नजदीक काठगोदाम रेलवे स्टेशन है।
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कुबेर मंदिर - फोटो : Instagram
मध्य प्रदेश का कुबेर मंदिर

मध्य प्रदेश में भगवान कुबेर के तीन प्रसिद्ध मंदिर हैं। तीनों की अपनी मान्यताएं हैं। मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग हैं। पहला उज्जैन का महाकालेश्वर और दूसरा खंडवा का ओंकारेश्वर। कुबेर जी के मंदिर भी यहीं हैं। तीसरा कुबेर मंदिर मंदसौर में है। हालांकि इन सभी मंदिरों में खंडवा का कुबेर मंदिर सबसे ज्यादा प्रचलित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको भोपाल से करीब 257 किमी की दूरी तय करनी होगी। खंडवा का कुबेर मंदिर इंदौर से 78 किमी दूर है। बस, टैक्सी या निजी वाहन से खंडवा पहुंचकर कुबेर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। साथ ही ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन करें।
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कुबेर भंडारी, वडोदरा - फोटो : instagram
गुजरात का कुबेर मंदिर

कुबेर जी का एक मंदिर गुजरात के वडोदरा में स्थित है। इस मंदिर का नाम कुबेर भंडारी मंदिर है। इस प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर का इतिहास 2500 साल से भी ज्यादा पुराना है। मंदिर नर्मदा नदी के किनारे बना है। वडोदरा पहुंचकर वहां से कैब के जरिए 60 किमी का सफर तय करके कुबेर मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। 
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