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Yamunotri-Gangotri Travel: दिल्ली से यमुनोत्री और गंगोत्री कैसे जाएं? जानिए रूट, बजट और पूरी यात्रा योजना

Mon, 27 Apr 2026 04:18 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi To Yamunotri Gangotri Travel Guide: क्या आप जानना चाहते हैं कि दिल्ली से यमुनोत्री और गंगोत्री कैसे जाएं? दिल्ली से पहले हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचें, फिर सड़क मार्ग से बड़कोट होते हुए यमुनोत्री और उसके बाद उत्तरकाशी से गंगोत्री जाएं।

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यमुनोत्री और गंगोत्री की यात्रा - फोटो : AI

Delhi Se Yamunotri- Gangotri Kaise Jayen: चार धाम यात्रा 2026 शुरू हो चुकी हैं। उत्तराखंडे के पवित्र तीर्थ स्थल, यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खुल गए हैं। केदारनाथ धाम में तो भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। कई वीडियोज सामने आ रहे हैं जिसमें भीड़ के चलते लोग केदारनाथ यात्रा से बच रहे हैं। ऐसे में अगर आप केदारनाथ की भीड़ का सामना नहीं करना चाहते लेकिन धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम आपके लिए बेहतरीन विकल्प हैं। 

ये दोनों धाम उत्तराखंड के चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। दिल्ली से गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि यह एक शानदार रोड ट्रिप का अनुभव भी देती है। रास्ते में आपको पहाड़ों की खूबसूरती, नदियों की कल-कल और शांत वातावरण का आनंद मिलेगा।

हालांकि पहाड़ी इलाकों में यात्रा की सही योजना बेहद जरूरी होती है। सही रूट, समय, बजट और ठहरने की जानकारी के बिना यात्रा मुश्किल हो सकती है। इसलिए अगर आप पहली बार यमुनोत्री और गंगोत्री जा रहे हैं, तो यात्रा की योजना बनाने के लिए विस्तार से जानकारी यहां से प्राप्त कर लें। 

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ऋषिकेश - फोटो : Freepik

5 दिन का पूरा ट्रैवल प्लान


पहला दिन, दिल्ली से यात्रा शुरू 

यात्रा की शुरुआत दिल्ली से कर रहे हैं तो हरिद्वार या ऋषिकेश के लिए बस व ट्रेन बुक करें। यहां की दूरी लगभग 220-240 किमी है। सफर तय करने में 5-6 घंटे का समय लग सकता है। यहां आप गंगा आरती का आनंद भी उठा सकते हैं। ऋषिकेश में मंदिरों के दर्शन, लक्ष्मण झूला और हरिद्वार में मनसा देवी माता मंदिर और चंडी माता मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। अगर आप सुबह पहुंचते हैं तो पूरा दिन घूमने के लिए काफी है। 

हालांकि अगर आप यात्रा शुरू करना चाहते हैं तो सुबह तड़के यहां पहुंचने के बाद थोड़ा विश्राम करके, आसपास के कुछ खास स्थलों की सैर के बाद 12 बजे तक यहां से रवाना हो सकते हैं। 

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यमुनोत्री - फोटो : पीटीआई

दूसरा दिन, हरिद्वार से बड़कोट


आप उसी दिन यात्रा शुरू कर सकते हैं या हरिद्वार व ऋषिकेश में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन यात्रा पर निकलें। यहां से बड़कोट अगला पड़ाव है, जिसका सफर तय करने में 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है जो कि लगभग 180 किमी दूर है। रास्ते में खूबसूरत पहाड़ी दृश्य नजर आता है। बस, टैक्सी या खुद ड्राइव करके जा सकते हैं। अगर आपको पहाड़ों पर गाड़ी चलाने का अनुभव हो तो। बड़कोट पहुंचकर रात में रुके। 

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यमुनोत्री धाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

तीसरा दिन, बड़कोट से यमुनोत्री धाम


अब बड़कोट से जानकी चट्टी तक का सफर करें। आप यहां टैक्सी या अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। इसके आगे का सफर पैदल करना होता है। यहां से 5-6 किमी ट्रेक है। घोड़ा या पालकी की सुविधा भी मिल जाती है। सुबह यात्रा की शुरूआत करते हैं तो शाम तक यमुनोत्री धाम में दर्शन करके लौट भी सकते हैं। बता दें कि आसपास मौसम भले ही ठंडा हो लेकिन मंदिर परिसर की जमीन गर्म और गर्म पानी का कुंड आपको यहां देखने को मिल सकता है। दर्शन के बाद बड़कोट वापस लौटें।
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उत्तरकाशी में शनिदेव महाराज सोमेश्वर महाराज मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

चौथा दिन, बड़कोट से उत्तरकाशी


यमुनोत्री मंदिर में दर्शन के बाद गंगोत्री धाम की यात्रा के लिए रवाना हों। बड़कोट में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन उत्तरकाशी के लिए रवाना हों। बड़कोट से उत्तरकाशी की दूरी लगभग 100 किमी है। यहां पहुंचकर आसपास के मंदिर और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव लें। रात को उत्तरकाशी में ठहरें।
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गंगोत्री - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांचवां दिन, उत्तरकाशी से गंगोत्री धाम

उत्तरकाशी से गंगोत्री की दूरी 100 किमी है। सुबह आप उत्तर काशी से रवाना हों। गंगोत्री मार्ग से प्राकृतिक नजारों, पहाड़ों के मनमोहक दृश्यों का अनुभव लें। फिर गंगोत्री पहुंचकर मंदिर में दर्शन करें और वापसी में उत्तरकाशी या ऋषिकेश में रुकें। 

बजट और टिप्स
 
  • अगर आप गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा करना चाहते हैं तो प्रति व्यक्ति खर्च लगभग 8000 रुपये से 15000 रुपये आ सकता है।
  • यहां आने के लिए मई से जून और सितंबर सबसे अच्छा समय होता है। मानसून में आने से बचें क्योंकि पहाड़ी रास्ते खराब हो सकते हैं।
  • अगर खुद से ड्राइव करके आ रहे हैं तो पहाड़ों पर सावधानी बरतें।
  • जरूरी दवाइयां और गर्म कपड़े साथ रखें क्योंकि यहां मौसम अचानक बदल सकता है।
  • पहले से होटल बुक करें और यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप कराएं।
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