पहली बार बचपन में दार्जिलिंग गया था, तबसे इस शहर से इश्क है। इसे पहाड़ों की रानी यूं ही नहीं कहा जाता है। ये बात तब समझ आई, जब वहां जाकर इसे करीब से जाना। वहां जाकर मन में अजीब-सी हलचल होती है। वह जगह मुझे इतनी भाई कि मैंने अपनी कई फिल्मों की शूटिंग वहीं की है। वहां की वादियों में शूट करने का मजा एकदम अलग है। मेरी फिल्म 'बर्फी' की शूटिंग भी वहीं हुई थी। पश्चिमी बंगाल मुझे वैसे भी बेहद अच्छा लगता है, इसलिए भी दार्जिलिंग मेरे पसंदीदा हिल स्टेशनों में एक है। अक्सर ऐसा होता है कि समय के साथ जगहों में बदलाव आता-जाता रहता है। मगर दार्जिलिंग आज भी बिल्कुल नहीं बदला है, वह शहर आज भी वैसा ही है, जैसा पचास साल पहले था। इसकी यही खासियत मुझे बार-बार अपनी ओर खींचती है। इस शहर में जो भी एक बार आता है,