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Chaitra Navratri 2020: माता के इस मंदिर में नेत्रहीनों को मिलती हैं आंखें, रोजाना दर्शन के लिए लगती है भीड़

Wed, 25 Mar 2020 06:49 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मां दुर्गा - फोटो : फाइल फोटो
चैत्र नवरात्रि की आज से शुरुआत हो चुकी है। नौ दिन का यह पर्व शक्ति की देवी मां दुर्गा को समर्पित है। इस पर्व के दौरान माता के मंदिर में भक्तों का तांता लगने लगता है। माता के दरबार में लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए हाजिरी लगाते हैं। नौ दिन तक चलने वाले इस पर्व में लोग देश के अलग-अलग मंदिरों में माता के दर्शन के लिए जाते हैं। हर मंदिर की अपनी खास विशेषता होती है। ऐसे में आज हम आपको मां नेतुला मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सालों भर भक्तों की भारी भीड़ लगती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
मां नेतुला मंदिर बिहार के जमुई जिले में सिकंदरा प्रखंड के कमुार गांव में स्थित है। अपनी मान्यताओं के कारण यह मंदिर केवल स्थानिय ही नहीं बल्कि दूर-दूर के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। मां नेतुला मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा का आयोजन होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
मां नेतुला मंदिर में लोग पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए मन्नतें मांगते हैं। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि अगर लगातार तीस दिन तक भक्त सच्चे मन से मंदिर में धरना दें तो माता मनवांछित फल की इच्छा पूरी करती हैं। इस मंदिर में अब तक न जाने कितने लोगों को खोई हुई आंखों की रौशनी व नि:संतान दंपत्तियों को संतान की प्राप्ति हो चुकी है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने मां सती के शरीर को खंडित किया था तो उनका पीठ यहीं गिरा था। इस मंदिर में मां के पीठ की पूजा की जाती है। इसके साथ ही यह मंदिर गंगा-जमुनी तहजीब को भी समेट कर रखा है। इस मंदिर में हिंदूओं के साथ-साथ मुस्लिम संप्रदाय के लोग हाजिरी लगाने आते हैं। प्रत्येक दिन सुबह और शाम में मां का फूलों से श्रृंगार और आरती की जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
कैसे पहुंचे
जुमई रेलवे स्टेशन व लखीसराय से मां नेतुला मंदिर की दूरी करीब तीस किलोमीटर है। वहीं नालंदा से मंदिर की दूरी 60 किलोमीटर है। जमुई से मंदिर जाने के लिए बसें उपलब्ध रहती हैं। आप चाहें तो छोटे वाहनों से भी मंदिर पहुंच सकते हैं।
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