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Chaitra Navratri 2019: नैनीताल के इस मंदिर में केवल दर्शन करने से दूर होती है आंखों की समस्या

Sun, 07 Apr 2019 12:29 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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उत्तराखंड के नैना झीले के उत्तरी किनारे पर मौजूद नैनादेवी का मंदिर भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। साल 1880 के भूस्खलन से यह मंदिर नष्ट हो गया था फिर इसे दोबारा बनवाया गया है। स्थानीय लोगों की मान्यता के अनुसार मां के आंखों से गिरे आंसू ने ही यहां ताल का रूप धारण कर लिया और इसलिए इस जगह का नाम नैनीताल पड़ गया। मंदिर के अंदर नैना देवी के साथ-साथ गणेश जी और मां काली की भी मूर्तियां मौजूद हैं। 
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मंदिर के प्रवेशद्वार पर पीपल का एक विशाल वृक्ष है। यहां माता पार्वती को नंदा कहा जाता है। यह मंदिर नैनीताल बस स्टैंड से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि माता के दर्शन से ही लोगों के नेत्र रोग की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है। 
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मंदिर में नंदा अष्टमी के दिन भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। जो कि आठ दिनों तक चलता है। 

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अन्य आकर्षण
मंदिर के अलावा यहां का मल्लीताल और तल्लीताल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। आसपास घूमने के लिए चिड़ियाघर, राजभवन, केव गार्डन, भीमताल, नौकुचिया ताल, भुवाली और घोड़ाखाल यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा सातताल, मुक्तेश्वर, कैंचीधाम, रामगढ़ और रानीखेत जैसे कई अन्य पर्यटन स्थल मौजूद हैं। 
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अगर आप यहां शॉपिंग करना चाहती हैं तो माल रोड बेहतरीन जगह है। यहां मौजूद तिब्बती मार्केट में ऊनी कपड़ों के अलावा कई तरह के सजावटी वस्तुएं भी मिलती हैं। नवरात्र के मौके पर यहां खूब रौनक रहती है। 
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