इस मंदिर का निर्माण देवास के महाराजा ने करवाया था। मंदिर बनने के बाद राजघराने में कोई न कोई अशुभ घटना होती रहती थी। इसी दौरान राजकुमारी और सेनापति के बीच प्रेम प्रसंग का मामला सामने आने लगा। जबकि राजा नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी की शादी किसी सेनापति से हो। इसलिए उन्होंने राजकुमारी को बंधक बना लिया। इसी दौरान राजकुमारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई।