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शारदीय नवरात्रि 2026: बिहार के प्रसिद्ध देवी मंदिर, नवरात्रि में दर्शन करने से पहले जान लें ये बातें

Sat, 10 Oct 2026 02:14 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shardiya Navratri 2026: बिहार के देवी माता मंदिर राज्य की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। बड़ी पटन देवी, मां मुंडेश्वरी, थावे दुर्गा मंदिर और मां उग्रतारा मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। यदि आप बिहार की धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो इन मंदिरों के दर्शन के साथ स्थानीय परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को जानना भी एक यादगार अनुभव हो सकता है।
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बिहार के देवी मंदिर - फोटो : Ai
Bihar Devi Mandir:  बिहार अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां मां दुर्गा, मां काली, मां तारा और अन्य देवी स्वरूपों को समर्पित कई महत्वपूर्ण मंदिर स्थित हैं।

इन मंदिरों में सालभर श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान विशेष रौनक देखने को मिलती है। बिहार के देवी माता मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय परंपराओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

इस वर्ष 11 अक्तूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। नवरात्र के दौरान बिहार में हैं तो इन प्राचीन और दिव्य देवी माता मंदिरों के दर्शन के लिए एक बार तो जरूर जाना चाहिए। हालांकि नवरात्रि के मौके पर यहां भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। 

यहां तस्वीरों के जरिए आप बिहार के प्रसिद्ध दुर्गा माता मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं और उसकी कथाएं और मान्यताओं के बारे में जानें।
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बड़ी पटन देवी मंदिर, पटना - फोटो : Instagram

बिहार के प्रमुख देवी माता मंदिर


बड़ी पटन देवी मंदिर, पटना
 
पटना स्थित बड़ी पटन देवी मंदिर बिहार के प्रमुख शक्तिस्थलों में गिना जाता है। यहां मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह मंदिर पटना की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि यहां माता सती की दायी जांघ गिरी थी। इसी कारण यह 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां मां भगवती के तीन रूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की पूजा की जाती है।
 

छोटी पटन देवी मंदिर, पटना


बड़ी पटन देवी मंदिर से मात्र 4 किमी दूरी पर छोटी पटन देवी मंदिर स्थित ह। यह भी एक शक्तिपीठ है। यहां सती की पीठ का हिस्सा गिरा था। छोटी पटन देवी को पटना की नगर देवी या रक्षिका माना जाता है।

पटना सिटी क्षेत्र में स्थित छोटी पटन देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर मां शक्ति की उपासना का महत्वपूर्ण केंद्र है। विशेष अवसरों पर यहां पूजा और दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुटती है।

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मां मुंडेश्वरी, बिहार - फोटो : instagram

मां मुंडेश्वरी मंदिर, कैमूर

कैमूर जिले की पहाड़ियों पर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर बिहार के प्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक और स्थापत्य विशेषताओं के लिए जाना जाता है। यहां मां मुंडेश्वरी की पूजा की जाती है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। यह दुनिया के सबसे प्राचीन मंदिरों में से है। पौराणिक कथा अनुसार, माता ने इसी स्थान पर चंड और मुंड नाम के असुरों का वध किया था। इस कारण इस स्थान का नाम मां मुंडेश्वरी के नाम पर पड़ा।

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थावे दुर्गा मंदिर, बिहार - फोटो : Instagram

थावे दुर्गा मंदिर, गोपालगंज

गोपालगंज जिले में स्थित थावे दुर्गा मंदिर मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं के कारण इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

कहा जाता है कि माता कामाख्या से अपने भक्त रहशु भगत की पुकार पर यहां आई थीं। मान्यता है कि अगर भक्त पुजारी से आग्रह करें तो उन्हें मां के दिव्य हाथ के स्पर्श का अनुभव होता है।

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उग्रतारा शक्तिपीठ, महिषी - फोटो : instagram

मां उग्रतारा मंदिर, महिषी

सहरसा जिले के महिषी में स्थित मां उग्रतारा मंदिर तांत्रिक परंपराओं और शक्ति उपासना के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर बिहार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

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चंद्रिका स्थान, मुंगेर - फोटो : instagram

मां चंडिका स्थान, मुंगेर

मुंगेर स्थित मां चंडिका स्थान बिहार के प्रमुख देवी मंदिरों में गिना जाता है। यहां मां चंडिका की पूजा होती है। ये स्थान 51 शक्तिपीठों में भी शामिल है, जहां माता सती की बाई आंख गिरी थी। नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।
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